​कटनी: विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक के साथ 1.5 करोड़ की साइबर ठगी, व्हाट्सएप मैसेज के जरिए एकाउंटेंट को लगाया चूना

बडी खबर कटनी

​मध्य प्रदेश के कटनी जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। विजयराघवगढ़ क्षेत्र से भाजपा विधायक संजय पाठक की कंपनी के साथ 1.5 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला प्रकाश में आया है। शातिर साइबर ठगों ने कंपनी के सीनियर डायरेक्टर के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर एकाउंटेंट को चकमा दिया और बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली। मामले की शिकायत के बाद कोतवाली थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम जांच में जुट गई है।

​फ्लाइट में थे विधायक, पीछे से हो गया खेल

​मिली जानकारी के अनुसार, घटना बुधवार दोपहर लगभग 2 बजे की है। विधायक संजय पाठक की कंपनी के सीनियर एकाउंटेंट के पास कंपनी के सीनियर डायरेक्टर के मोबाइल नंबर से एक मैसेज प्राप्त हुआ। मैसेज में किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते में तत्काल 1.5 करोड़ रुपये भेजने के निर्देश दिए गए थे। चूंकि मैसेज सीनियर डायरेक्टर के नंबर से आया था, इसलिए एकाउंटेंट ने बिना किसी संदेह के पूरी राशि निर्धारित खाते में ट्रांसफर कर दी।

​शाम करीब 5 बजे जब मामले का खुलासा हुआ, तो पता चला कि सीनियर डायरेक्टर ने ऐसा कोई मैसेज भेजा ही नहीं था। ठगी के वक्त विधायक संजय पाठक फ्लाइट में यात्रा कर रहे थे। जैसे ही वह प्लेन से उतरे, उन्हें इस फर्जीवाड़े की जानकारी दी गई।

​तत्काल एक्शन: 16 लाख रुपये कराए गए होल्ड

​मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक पाठक ने तुरंत कटनी पुलिस अधीक्षक को पूरी घटना से अवगत कराया। एसपी के निर्देश पर सक्रिय हुई साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगों के खाते से करीब 16 लाख रुपये की राशि होल्ड (फ्रीज) करवा ली है।

​विधायक संजय पाठक के अनुसार:

"साइबर अपराधियों ने ठगी की इस राशि को कोलकाता के बैंक खातों से निकाला है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कुछ राशि होल्ड हो सकी है।"

​पुलिस जांच जारी: एसपी अभिनय विश्वकर्मा

​कटनी के पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया:

​"विधायक संजय पाठक की कंपनी से 1.5 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की शिकायत मिली है। कोतवाली थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। साइबर सेल की मदद से पैसों के लेन-देन (मनी ट्रेल) को ट्रैक किया जा रहा है और आरोपियों तक पहुँचने के प्रयास जारी हैं।"

​पुलिस फिलहाल उस फर्जी मैसेज और जिस बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए गए थे, उसकी विस्तृत जांच कर रही है।