खाकी में Reel बनाई तो होगी कार्रवाई! MP पुलिस की 24 सूत्रीय सोशल मीडिया गाइडलाइन जारी ChatGPT-Gemini पर सरकारी गोपनीय डेटा अपलोड करने पर भी रोक, संवेदनशील ऑपरेशन और पुलिस की लोकेशन साझा करना प्रतिबंधित
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर नई 24 सूत्रीय सोशल मीडिया गाइडलाइन-2026 जारी की है। डीजीपी कैलाश मकवाना के निर्देश पर जारी गाइडलाइन में वर्दी की गरिमा, विभागीय गोपनीयता और संवेदनशील पुलिस कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक होने से रोकने के लिए कई सख्त प्रावधान किए गए हैं। नई गाइडलाइन के मुताबिक पुलिसकर्मी वर्दी में Reel, फोटो, वीडियो या ऑडियो क्लिप बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं कर सकेंगे। यह रोक ड्यूटी के दौरान ही नहीं, बल्कि वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर निजी लोकप्रियता, ब्रांडिंग या व्यावसायिक लाभ लेने वाले कंटेंट पर भी लागू है। नियमों के उल्लंघन पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। AI टूल्स पर सरकारी गोपनीय डेटा डालने पर रोक गाइडलाइन में ChatGPT, Gemini जैसे AI प्लेटफॉर्म को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। पुलिसकर्मी किसी भी गोपनीय या संवेदनशील सरकारी दस्तावेज, केस से जुड़ी जानकारी, जांच संबंधी दस्तावेज या उनके स्क्रीनशॉट/स्कैन को AI प्लेटफॉर्म पर अपलोड या प्रोसेस नहीं कर सकेंगे। संवेदनशील ऑपरेशन की तस्वीर और लोकेशन भी नहीं होगी सार्वजनिक हथियारों की ट्रेनिंग, ड्रिल, चांदमारी, दबिश, संवेदनशील ऑपरेशन और VIP/VVIP सुरक्षा जैसी गतिविधियों से जुड़ी फोटो-वीडियो या लाइव जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने पर रोक रहेगी। संवेदनशील ड्यूटी की लोकेशन और जियो-टैगिंग सार्वजनिक करने से भी पुलिसकर्मियों को बचना होगा। पीड़ित, आरोपी और जांच से जुड़ी जानकारी पर भी सख्ती शिकायत, जांच या जनसुनवाई के दौरान पहुंचे पीड़ित, गवाह, शिकायतकर्ता या आरोपी के फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने को लेकर भी नियम तय किए गए हैं। यौन अपराधों की पीड़ित महिलाओं और बच्चों की पहचान उजागर करने वाली किसी भी सामग्री को साझा करने पर पूर्ण रोक है। लंबित जांच या न्यायालयीन मामलों की ऐसी जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की जा सकेगी, जिससे जांच या न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो। राजनीतिक प्रतीकों और विभागीय विवादों से भी दूरी पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया प्रोफाइल या DP पर राजनीतिक दलों अथवा संगठनों से जुड़े प्रतीक लगाने से भी रोक दिया गया है। सरकार की नीतियों, विभागीय कार्यप्रणाली या वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर अमर्यादित टिप्पणी को भी गाइडलाइन में प्रतिबंधित किया गया है। पुरानी आपत्तिजनक पोस्ट भी हटानी होगी गाइडलाइन में पुलिसकर्मियों को अपने पुराने सोशल मीडिया अकाउंट की सामग्री की समीक्षा करने और नियमों के विपरीत या आपत्तिजनक पोस्ट को हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया से होने वाली कमाई और व्यावसायिक प्रचार को लेकर भी विभागीय अनुमति तथा जानकारी देने संबंधी प्रावधान बताए गए हैं। MP पुलिस की नई सोशल मीडिया गाइडलाइन का मुख्य उद्देश्य पुलिस की वर्दी की गरिमा, विभागीय अनुशासन, संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा और सोशल मीडिया के जिम्मेदार इस्तेमाल को सुनिश्चित करना है।
