“परेशान मत करो” : हाइवा ट्रांसपोर्ट यूनियन का ऐलान, मांगें नहीं मानीं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

कटनी। कटनी जिला हाइवा मोटर ट्रांसपोर्ट यूनियन की समस्याओं और मांगों को लेकर प्रशासन से चल रही खींचतान अब तेज होती नजर आ रही है। खनिज विभाग की टीपी व्यवस्था, ओवरलोडिंग के नाम पर चालान और सड़क पर वाहनों की जांच के दौरान कथित रूप से की जा रही अवैध वसूली के आरोपों को लेकर ट्रांसपोर्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

यूनियन ने कुछ दिन पहले कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग की थी। करीब एक सप्ताह बाद भी ठोस राहत नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए यूनियन ने अब पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा को भी ज्ञापन सौंपा है।

यूनियन का कहना है कि जो वाहन ओवरलोड नहीं हैं, उन पर भी कार्रवाई और जुर्माना किया जा रहा है, जिससे वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। ट्रांसपोर्टरों के मुताबिक डीजल, वाहन की किस्त, मेंटेनेंस, टैक्स, ड्राइवर-कंडक्टर का खर्च सहित अन्य लागत के बीच कारोबार पहले ही मुश्किल दौर से गुजर रहा है।

“ओवरलोडिंग के लिए पटरे नहीं लगाएंगे”

पुलिस अधीक्षक को दिए ज्ञापन में यूनियन ने स्पष्ट किया है कि हाइवा वाहनों में ओवरलोडिंग के लिए लगाए जाने वाले पटरे नहीं लगाए जाएंगे। यूनियन ने पुलिस प्रशासन को सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि जिन वाहनों में ऐसे पटरे लगे पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

10-12 दिनों से खड़े हैं हाइवा

ट्रांसपोर्ट यूनियन ने पत्रकारवार्ता में आरोप लगाया कि कार्रवाई और जुर्माने के डर से पिछले 10 से 12 दिनों से बड़ी संख्या में हाइवा वाहन खड़े हैं। यूनियन का कहना है कि इससे वाहन मालिकों के साथ-साथ ड्राइवर और कंडक्टरों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ रहा है और उनके परिवार आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहे हैं।

यूनियन ने खनिज विभाग की टीपी व्यवस्था में पारदर्शिता और व्यवहारिक सुधार की मांग की है। साथ ही पुलिस, यातायात और परिवहन विभाग द्वारा वाहनों की जांच के दौरान बेवजह परेशान नहीं किए जाने की मांग रखी है।

मांगें नहीं मानीं तो कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी

ट्रांसपोर्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया और कथित रूप से गलत चालान व जुर्माने की कार्रवाई बंद नहीं हुई, तो वे अपने वाहनों को कलेक्ट्रेट परिसर और कलेक्ट्रेट गेट के सामने खड़ा कर आंदोलन कर सकते हैं।

यूनियन पदाधिकारियों ने आगे उग्र आंदोलन की चेतावनी देते हुए अपने वाहनों में आग लगाने तक की बात कही है। हालांकि, इस तरह की कार्रवाई कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।

ट्रांसपोर्ट यूनियन ने कहा कि वह पुलिस प्रशासन के साथ सहयोग करने को तैयार है और ओवरलोडिंग रोकने में भी प्रशासन का साथ देगा। अब यूनियन की मांगों पर जिला प्रशासन क्या निर्णय लेता है, इस पर सभी की नजर है।