Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 9, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

*वीडियो वायरल होने पर रिंगनोद छात्रावास पहुचे विधायक ग्रेवाल*

*छात्रों ने सुनाई बदहाली की पूरी कहानी, मौके पर बनवाया पंचनामा*

 

सरदारपुर राहुल राठौड़

 

सरदारपुर – सीनियर बालक छात्रावास रिंगनोद में विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले भोजन में कीड़े निकलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला सामने आने के बाद सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल मंगलवार शाम अचानक छात्रावास पहुंचे और मौके पर पहुंचकर छात्रावास की व्यवस्थाओं की हकीकत जानी। विधायक ग्रेवाल के औचक निरीक्षण के दौरान छात्रों ने बताया कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। भोजन में कीड़े निकलने के साथ ही कई बार अधपकी अथवा जली हुई रोटियां परोसे जाने की शिकायत छात्रों ने की। छात्रों ने विधायक को बताया कि छात्रावास परिसर में नियमित साफ-सफाई का भी अभाव है। गंदगी के कारण विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई पंखे खराब पड़े होने की बात भी छात्रों ने बताई। वहीं मच्छरों के भारी प्रकोप के बावजूद विद्यार्थियों को पर्याप्त मच्छरदानी एवं कंबल जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने की शिकायत की गई। सबसे गंभीर आरोप उस समय सामने आया जब विद्यार्थियों ने अपनी मिलने वाली राशि को लेकर भी शिकायत की। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें मिलने वाली राशि 720 रूपये उनसे अधीक्षक द्वारा ले ली जाती है। यदि छात्रों द्वारा लगाए गए ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल छात्रावास की लापरवाही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अधिकारों और शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल है।

 

विधायक प्रताप ग्रेवाल ने अधिकारियों से स्पष्ट सवाल किया कि जब विभागीय अधिकारी नियमित रूप से छात्रावासों के निरीक्षण का दावा करते हैं, तो फिर भोजन में कीड़े, खराब भोजन, गंदगी, खराब पंखे और मच्छरों जैसी समस्याएं अधिकारियों को क्यों दिखाई नहीं दीं। विधायक प्रताप ग्रेवाल ने छात्रावास की स्थिति पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार आदिवासी एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों के संचालन, भोजन और सुविधाओं के नाम पर हर वर्ष करोड़ों रुपये का बजट खर्च करती है। लेकिन रिंगनोद के छात्रावास की स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ कागजों में ज्यादा और जमीन पर कम दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चे सरकार की जिम्मेदारी हैं। उनके भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। आदिवासी विद्यार्थियों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ हुआ है तो इसकी जवाबदेही तय होना चाहिए।

विधायक ग्रेवाल ने मामले को केवल मौखिक शिकायत तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने बीईओ विष्णु रघुवंशी, सरपंच प्रतिनिधी प्रकाश मौर्य, हल्का पटवारी, पत्रकारगणो एवं ग्रामीणो की मौजूदगी में छात्रावास की अव्यवस्थाओं एवं विद्यार्थियों द्वारा बताई गई समस्याओं का मौके पर ही पंचनामा तैयार करवाया। पंचनामा तैयार कर संबंधित वरिष्ठ कार्यालय को भेजने की बात कही गई है, ताकि मामले की जांच हो सके और जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। विधायक ने मौके से ही सहायक आयुक्त, धार को पूरे मामले से अवगत कराया तथा विद्यार्थियों से दूरभाष पर चर्चा भी करवाई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि छात्रावास की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार किया जाए और विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नही हो