महाराष्ट्र राज्य हाथीपांव मुक्त गडचिरोली की ओर निर्णायक कदम जिलाधिकारी, विधायक और वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद दवा खाकर अभियान का शुभारंभ किया…..

गडचिरोली, हाथीपांव मुक्त गडचिरोली जिले की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राष्ट्रीय कीटजनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत हाथीपांव की दवाओं के प्रति नागरिकों में विश्वास पैदा करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं दवाएं खाकर इस उपचार अभियान की शुरुआत की।
केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह अभियान 10 फरवरी 2026 से 23 फरवरी 2026 तक गडचिरोली और चामोर्शी तालुकों में चलाया जाएगा। जिला मलेरिया कार्यालय के माध्यम से आज विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे, जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रताप शिंदे को उनके कार्यालय में दवाएं वितरित कर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
अभियान की मुख्य बातें:
MDA-IDA उपचार: यह हाथीपांव उन्मूलन के लिए दी जाने वाली तीन दवाओं का एक समन्वित उपचार है।
पात्रता: इस अभियान के तहत दो वर्ष से अधिक आयु के सभी पात्र नागरिकों को दवाएं दी जाएंगी।
DOT पद्धति: यह अभियान ‘प्रत्यक्षदर्शी औषधि सेवन’ (Directly Observed Treatment) पद्धति से चलाया जा रहा है, जिसमें दवाओं की पूरी खुराक लेना अनिवार्य है।
इस अवसर पर जिला शल्य चिकित्सक डॉ. वर्षा लहाने, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुजिता वाडिवे, जिला कीटजनित रोग सलाहकार श्री राजेश कार्लेकर सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
महेश पांडुरंग शेंडे की रिपोर्ट…..

More Stories
महाराष्ट्र राज्य जिला गडचिरोली: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत ३४ बच्चों की सफल सर्जरी….
डबल इंजन सरकार रोजगार के नए अवसर सृजित कर राजस्थान के युवाओं को आत्मनिर्भरता की राह पर सशक्त रूप से आगे बढ़ा रही है।
धान खरीदी घोटाले में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा – सह-पालक मंत्री आशीष जयस्वाल…..