कटनी पुलिस में जमे “स्थायी चेहरे” कब हटेंगे?
आरक्षक से निरीक्षक तक वर्षों से एक ही थाना-चौकी में तैनाती पर उठे सवाल, क्या SP अभिनय विश्वकर्मा करेंगे बड़ा फेरबदल?

कटनी | जिले की पुलिस व्यवस्था इन दिनों एक बड़े सवाल के घेरे में नजर आ रही है। चर्चा उन पुलिसकर्मियों को लेकर तेज हो गई है जो आरक्षक से लेकर निरीक्षक स्तर तक वर्षों से एक ही डिवीजन, थाना और चौकी में जमे हुए हैं। हर साल तबादला सूची बनती है, फेरबदल की चर्चाएं होती हैं, लेकिन कुछ चेहरे ऐसे हैं जो हर बार सूची से बच निकलते हैं। अब जनता खुलकर पूछ रही है कि आखिर इन “स्थायी खिलाड़ियों” को संरक्षण कौन दे रहा है और प्रशासन कार्रवाई से पीछे क्यों हटता दिखाई देता है?
सूत्रों के अनुसार जिले में कई पुलिसकर्मियों ने लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में रहकर ऐसा स्थानीय नेटवर्क और प्रभाव बना लिया है कि उनका तबादला करना भी अधिकारियों के लिए चुनौती माना जाने लगा है। राजनीतिक पहुंच, अंदरूनी रसूख, सेटिंग और विभागीय पकड़ के दम पर कुछ कर्मचारी इतने प्रभावशाली हो चुके हैं कि हर फेरबदल सूची से उनका नाम गायब रहता है। पुलिस महकमे के भीतर भी इस बात की चर्चा जोरों पर है कि कुछ चेहरों की पकड़ इतनी मजबूत है कि अधिकारी भी उन पर खुलकर निर्णय लेने से बचते हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब विभागीय नियम समय-समय पर स्थानांतरण की बात करते हैं, तब आखिर वर्षों से एक ही थाना और चौकी में जमे कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? क्या लंबे समय तक एक ही स्थान पर बने रहने से निष्पक्ष पुलिसिंग प्रभावित नहीं होती? क्या स्थानीय संबंध और प्रभाव अब कानून व्यवस्था से भी ऊपर हो चुके हैं? इन सवालों ने अब जनता के बीच पुलिस व्यवस्था की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर बहस छेड़ दी है।
जानकारों का मानना है कि लंबे समय तक एक ही क्षेत्र में पदस्थ रहने से कार्रवाई की निष्पक्षता प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय संबंध मजबूत होने के कारण दबाव और प्रभाव की स्थिति बनती है, जिसका असर सीधे कानून व्यवस्था और जनता के भरोसे पर पड़ता है। यही वजह है कि पुलिस विभाग में नियमित फेरबदल को आवश्यक माना जाता है, ताकि कार्यप्रणाली संतुलित और पारदर्शी बनी रहे।
इधर हाल ही में सख्त कार्यशैली और सक्रिय पुलिसिंग को लेकर चर्चाओं में आए पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इसी “पोस्टिंग पावर” को खत्म करने की मानी जा रही है। जिले में यह चर्चा तेज है कि क्या SP वास्तव में बड़ा फेरबदल कर वर्षों से जमे चेहरों को हटाएंगे या फिर राजनीतिक दबाव और अंदरूनी समीकरण एक बार फिर भारी पड़ जाएंगे।
जनता अब सीधे सवाल पूछ रही है —
क्या कटनी पुलिस में “स्थायी पोस्टिंग” का खेल खत्म होगा?
क्या वर्षों से जमे चेहरों पर कार्रवाई होगी?
या फिर हर बार की तरह इस बार भी तबादला सूची केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी?
अब पूरे जिले की निगाहें पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में जारी होने वाली तबादला सूची यह तय करेगी कि कटनी पुलिस व्यवस्था में वास्तव में बदलाव आएगा या फिर “पोस्टिंग पावर” का खेल पहले की तरह चलता रहेगा

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