Chief Editor

Dharmendra Singh

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May 23, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

महाराष्ट्र राज्य जिला गडचिरोली लॉयड मेटल एन्ड एनर्जी लिमिटेड कंपनी के प्रबंधक श्री बी. प्रभाकरण द्वारा अत्यधिक गर्मी के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग का ‘हाई अलर्ट’; सभी अस्पतालों में 24 घंटे विशेष सुविधाएं उपलब्ध…..

महाराष्ट्र राज्य जिला गडचिरोली लॉयड मेटल एन्ड एनर्जी लिमिटेड कंपनी के प्रबंधक श्री बी. प्रभाकरण द्वारा अत्यधिक गर्मी के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग का ‘हाई अलर्ट’; सभी अस्पतालों में 24 घंटे विशेष सुविधाएं उपलब्ध…..

 

जिले में पिछले कुछ दिनों से तापमान में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण प्रशासन ने ‘अति उष्णता की लहर’ (Extreme Heat Wave) घोषित की है। बढ़ते तापमान से लू (हीट स्ट्रोक) का खतरा गंभीर होने की संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी के मार्गदर्शन मे स्वास्थ्य प्रशासन ने पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी किया है और नागरिकों से अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने का आह्वान किया है।

जिला शल्य चिकित्सक डॉ. वर्षा लहाड़े और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रताप शिंदे ने एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से नागरिकों को धूप की तीव्रता से खुद को बचाने के लिए मार्गदर्शन दिया है। लू से प्रभावित मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके, इसके लिए जिले के सामान्य अस्पताल, सभी ग्रामीण अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वतंत्र ‘हीट स्ट्रोक कक्ष’ (उष्माघात कक्ष) 24 घंटे कार्यान्वित किए गए हैं।

उपलब्ध सुविधाएं:

इन विशेष कक्षों में निम्नलिखित व्यवस्थाएं की गई हैं:

शीतलता: कूलर और एयर-कंडीशनिंग (AC) की सुविधा।

विशेष बेड: मरीजों के लिए आरक्षित बेड।

दवाइयां: आपातकालीन उपचार के लिए आवश्यक दवाओं का स्टॉक।

तरल पदार्थ: ओआरएस (ORS), आईवी फ्लूइड्स और अन्य जरूरी दवाइयों का पर्याप्त भंडार।

चिकित्सा अधिकारियों को हर समय सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों तक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावी ढंग से पहुँचाने के लिए ‘आशा’ स्वयंसेविकाओं के माध्यम से घर-घर जाकर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

 

 

 

गर्मी और लू (Heatstroke) से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की सलाह

जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रताप शिंदे ने बताया कि गढ़चिरौली जैसे दुर्गम जिले में नागरिकों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ‘लू कक्ष’ (Heatstroke Ward) शुरू किए गए हैं। उन्होंने आह्वान किया कि गर्मियों में खेतों में या अन्य काम के लिए बाहर निकलने वाले नागरिकों को शरीर में पानी का स्तर बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। चक्कर आना, जी मिचलाना या बेचैनी महसूस होने पर घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराएं।

जिला शल्य चिकित्सक डॉ. वर्षा लहाडे ने जानकारी दी कि अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर में पानी की मात्रा तेजी से कम हो जाती है, जिससे लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिले के सभी सामान्य अस्पताल और ग्रामीण अस्पताल पूरी तरह तैयार हैं और सभी चिकित्सा अधीक्षकों को मरीजों का तत्काल उपचार करने के निर्देश दिए गए हैं।

लू (Heatstroke) के प्रमुख लक्षण:

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यदि आपको निम्नलिखित लक्षण महसूस हों, तो सतर्क हो जाएं:

शरीर का तापमान अचानक बढ़ना।

चक्कर आना और जी मिचलाना।

असहनीय सिरदर्द होना।

अत्यधिक प्यास लगना।

पेशाब कम होना।

गंभीर स्थिति में: सांस लेने में तकलीफ, दिल की धड़कन बढ़ना, भ्रम की स्थिति (Delirium) या बेहोश हो जाना।

बचाव के लिए क्या करें?

सुरक्षा: घर से बाहर निकलते समय सिर पर टोपी, रूमाल या छाते का प्रयोग करें।

पेय पदार्थ: पर्याप्त मात्रा में पानी, छाछ, नींबू पानी या नारियल पानी का नियमित सेवन करें ताकि शरीर में पानी का संतुलन बना रहे।

पहनावा: हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें।

समय: दोपहर 12 से 4 बजे के बीच जितना संभव हो धूप में निकलने से बचें।

 

 

भीषण गर्मी से बचाव: क्या करें और क्या न करें

कड़ी धूप में शारीरिक मेहनत वाले काम करने से बचें। शराब, चाय, कॉफी या अत्यधिक चीनी वाले पेय पदार्थों का सेवन न करें। छोटे बच्चों या पालतू जानवरों को बंद वाहन में अकेला न छोड़ें। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य संबंधी कोई भी शिकायत होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

लू (Heatstroke) एक मेडिकल इमरजेंसी है। यदि किसी में इसके लक्षण दिखाई दें, तो संबंधित व्यक्ति को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल के ‘हीटस्ट्रोक वार्ड’ में भर्ती कराएं या एम्बुलेंस के लिए 108 या 102 नंबर पर संपर्क करें।

 

सिर पर टोपी, रुमाल या छतरी का उपयोग करें।

दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर के अंदर रहें।

सीधे आने वाली धूप को (पर्दों या शेड से) रोकें।

पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। छाछ, नींबू पानी, नारियल पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें।

 

धूप में शारीरिक मेहनत वाले काम न करें।

दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें।

दोपहर 2 से 4 बजे के बीच खाना पकाने (आग के पास रहने) से बचें।

बिना चप्पल या जूते के नंगे पैर धूप में न चलें।

छोटे बच्चों और पालतू जानवरों को गाड़ी के अंदर बंद करके न छोड़ें।

शराब, चाय, कॉफी, बहुत अधिक चीनी वाले और कार्बोनेटेड (सोडा युक्त) पेय पदार्थों का सेवन टालें।

सावधानी: लू लगने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जीवन बचा सकता है। सुरक्षित रहें!

 

 

 

महेश पांडुरंग शेंडे की रिपोर्ट…