पत्रकार नीरज पचौरी प्रकरण में दोषी अपराधियों को पकड़ने की मांग को लेकर श्रमजीवी पत्रकार संघ ने दिया एडिशनल एसपी को ज्ञापन
पोरसा
तहसील मुख्यालय के पत्रकार नीरज पचौरी प्रकरण में दोषी अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की मांग को लेकर श्रमजीवी पत्रकार संघ के पदाधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुरैना को ज्ञापन सौंपा ज्ञापन में कहा गया कि धर्मवीर पचौरी शांतिप्रिय नागरिक होकर पत्रकारिता से अपना जीवन यापन कर रहे हैं और समाचार संकलन के लिये वह तहसील के शहर व गांव में निरंतर भ्रमण करते हैं। विगत दिनांक 28 अगस्त 2021 की शाम एक पीड़िता श्रीमती मनीषा कुशवाह के परिजनों ने पत्रकार नीरज (धर्मबीर) पचौरी को अपनी परेशानी की जानकारी देने के लिये पोरसा थाना परिसर में बुलाया। पीड़िता सहित परिजनों से चर्चा उपरांत पत्रकार नीरज जब अपने घर की ओर जाने लगे तभी पोरसा थाने में पदस्थ महिला उपरीक्षक श्रीमती चाँदनी चौहान ने उनको बुलाकर अभद्र भाषा का उपयोग करते हुये महिला की खबर प्रकाशन न करने के लिये धमकी दी और कहा कि अगर खबर प्रकाशित की तो असत्य मामलों में फंसा दिया जायेगा जिससे श्री पचौरी आहत होकर भयभीत हो गये उक्त घटना से उन्होंने सभी साथियों को अवगत कराया विगत 31 अगस्त को अपरान्ह 4 बजे उनके मोबाइल पर जान से मारने की धमकी दी गई। जिसकी सूचना तत्काल पोरसा थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर बदमाशों के विरुद्ध सामान्य आपराधिक प्रकरण दर्ज कर इतिश्री कर ली। इन्हीं बदमाशों द्वारा मंगलवार की रात 11:00 बजे पत्रकार नीरज पचौरी के घर पर गाली गलौज कर गोलियों से फायरिंग कर जान से मारने की नियत से हमला किया उक्त हमले में पत्रकार नीरज पचौरी अपने परिवार सहित बाल बाल बचे, इस घटना में पोरसा के उप निरीक्षक शिवम चौहान तथा इनकी पत्नी श्रीमती चांदनी चौहान के संलिप्त होने की आशंका पोरसा क्षेत्र में चर्चाएं जोरों से चल रही है। आशंका है कि पत्रकार श्री पचौरी को पीड़ित महिला के मामले में दी गई धमकी के बाद संबंधित उप निरीक्षकगणों के इशारे पर इस घटना को अंजाम दिया गया है। इसलिए यह घटना पत्रकारिता के लिये उचित नहीं है। बदमाशों के साथ पुलिस की मिलीभगत से पत्रकारों में भय व आतंक पैदा हो गया है। पत्रकार एवं आमजन स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं पुलिस ने इस मामले में एक नामदर्ज अपराधी को पकड़कर आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार किया है। जबकि पत्रकार पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाकर हमला किया गया था,पत्रकार जहां सो रहा था उसके ऊपर जंगले में गोली लगी जिससे पत्रकार बाल-बाल बच गया। इस घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जंगले में लगी गोली को जब्त भी किया है, लेकिन बदमाशों के विरुद्ध कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है। जिससे पत्रकार पचौरी भयभीत है उनका परिवार भी अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि पत्रकार नीरज धर्मवीर पर जानलेवा हमला करने वाले अपराधियों के विरुद्ध हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाये यही इस घटना को शह देने वाले पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध उच्च स्तरीय जांच की जाये। पीड़ित पत्रकार को सुरक्षा प्रदान की जाये तथा पीड़ित के साथ कोई भी घटना या दुर्घटना होती है तो इस संबंध में उपरोक्त आरोपियों को लिप्त माना जाये उक्त ज्ञापन राज कुमार दुबे उपेंद्र गौतम एवं रामशरण शर्मा,धनश्याम डंडोतिया, रामपाल सिंह तोमर के मार्गदर्शन में दिया गया

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