Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
February 28, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

महाराष्ट्र राज्य जिला गडचिरोली

​ज़िलाधिकारी श्री अविश्यांत पंडा द्वारा

​”तकनीक, सामूहिक शक्ति और योजनाओं के प्रभावी मेल से किसानों की आय बढ़ाएंगे…

 

किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक को अपनाना, सौर ऊर्जा का उपयोग, प्राकृतिक खेती की दिशा और सरकारी योजनाओं का एकीकृत कार्यान्वयन अत्यंत आवश्यक है। रबी और गर्मी के मौसम में खेती का क्षेत्र बढ़ाने के लिए जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई और सामूहिक खेती पद्धति प्रभावी साबित होगी। यह मार्गदर्शन ज़िलाधिकारी श्री अविश्यांत पंडा ने दिभना में एक प्रत्यक्ष खेत दौरे के दौरान ‘सोलर लाइट ट्रैप’ (सौर प्रकाश जाल) योजना का निरीक्षण करते हुए और किसानों के साथ संवाद करते हुए

​उन्होंने आगे कहा कि, किसान समूहों (Groups) के माध्यम से योजनाएं लागू करने पर उनके अधिक व्यापक और स्थायी परिणाम मिलते हैं। कृषि विभाग, ‘आत्मा’ (ATMA) और जिला प्रशासन के समन्वय से किसान हित की योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन कर किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि “सतत खेती और तकनीक आधारित खेती ही भविष्य की दिशा है।”

​इसके बाद ज़िलाधिकारी ने श्री भोजराज राजीराम जेन्गठे के खेत का दौरा किया और उनके द्वारा लगाई गई विभिन्न सब्जियों की फसलों का निरीक्षण किया। श्री भोजराज जेन्गठे ने बताया कि कृषि तकनीक प्रबंधन प्रणाली (आत्मा) के अंतर्गत वर्ष २०२१-२२ में १५ युवा किसानों का “शाश्वत अन्नदाता किसान समूह” स्थापित किया गया था। इस समूह के माध्यम से सौर ऊर्जा संचालित बाड़ (Fencing) योजना लागू करके रबी और गर्मी के मौसम में फसल क्षेत्र में वृद्धि की गई। साथ ही, समूह द्वारा सोलर लाइट ट्रैप योजना को अपनाने से फसलों पर कीटों और रोगों का प्रभाव कम हुआ है, जिससे कीटनाशकों के छिड़काव और महंगी दवाओं पर होने वाले खर्च में बचत हुई है।

 

 

​प्राकृतिक खेती की दिशा में श्री कदम

​किसान विलास जेन्गठे ने प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आत्मा (ATMA) योजना के अंतर्गत कुरुक्षेत्र (हरियाणा) में प्रशिक्षण लेने के बाद, उनका समूह अब प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ रहा है। साथ ही, हैदराबाद में जैविक खाद/इनपुट (Bio-inputs) तैयार करने का प्रशिक्षण भी लिया गया है। किसानों ने यह भी उल्लेख किया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन के कारण विभिन्न फसलों के क्षेत्र में वृद्धि हुई है।

​उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:

​इस अवसर पर निम्नलिखित अधिकारी और किसान उपस्थित थे:

श्री ​हेमंत उंदिरवाडे: तालुका तकनीकी प्रबंधक (आत्मा)

श्री ​सुनील बुद्धे: उप कृषि अधिकारी

​कु. पाटेकर: सहायक कृषि अधिकारी

श्री ​अन्नाजी जेन्गठे: किसान समूह के प्रतिनिधि

​अन्य अधिकारी एवं स्थानीय किसान उपस्थित थे l

 

महेश पांडुरंग शेंडे की रिपोर्ट…..

महाराष्ट्र राज्य जिला गडचिरोली
​ज़िलाधिकारी श्री अविश्यांत पंडा द्वारा
​”तकनीक, सामूहिक शक्ति और योजनाओं के प्रभावी मेल से किसानों की आय बढ़ाएंगे…

किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक को अपनाना, सौर ऊर्जा का उपयोग, प्राकृतिक खेती की दिशा और सरकारी योजनाओं का एकीकृत कार्यान्वयन अत्यंत आवश्यक है। रबी और गर्मी के मौसम में खेती का क्षेत्र बढ़ाने के लिए जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई और सामूहिक खेती पद्धति प्रभावी साबित होगी। यह मार्गदर्शन ज़िलाधिकारी श्री अविश्यांत पंडा ने दिभना में एक प्रत्यक्ष खेत दौरे के दौरान ‘सोलर लाइट ट्रैप’ (सौर प्रकाश जाल) योजना का निरीक्षण करते हुए और किसानों के साथ संवाद करते हुए
​उन्होंने आगे कहा कि, किसान समूहों (Groups) के माध्यम से योजनाएं लागू करने पर उनके अधिक व्यापक और स्थायी परिणाम मिलते हैं। कृषि विभाग, ‘आत्मा’ (ATMA) और जिला प्रशासन के समन्वय से किसान हित की योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन कर किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि “सतत खेती और तकनीक आधारित खेती ही भविष्य की दिशा है।”
​इसके बाद ज़िलाधिकारी ने श्री भोजराज राजीराम जेन्गठे के खेत का दौरा किया और उनके द्वारा लगाई गई विभिन्न सब्जियों की फसलों का निरीक्षण किया। श्री भोजराज जेन्गठे ने बताया कि कृषि तकनीक प्रबंधन प्रणाली (आत्मा) के अंतर्गत वर्ष २०२१-२२ में १५ युवा किसानों का “शाश्वत अन्नदाता किसान समूह” स्थापित किया गया था। इस समूह के माध्यम से सौर ऊर्जा संचालित बाड़ (Fencing) योजना लागू करके रबी और गर्मी के मौसम में फसल क्षेत्र में वृद्धि की गई। साथ ही, समूह द्वारा सोलर लाइट ट्रैप योजना को अपनाने से फसलों पर कीटों और रोगों का प्रभाव कम हुआ है, जिससे कीटनाशकों के छिड़काव और महंगी दवाओं पर होने वाले खर्च में बचत हुई है।

​प्राकृतिक खेती की दिशा में श्री कदम
​किसान विलास जेन्गठे ने प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आत्मा (ATMA) योजना के अंतर्गत कुरुक्षेत्र (हरियाणा) में प्रशिक्षण लेने के बाद, उनका समूह अब प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ रहा है। साथ ही, हैदराबाद में जैविक खाद/इनपुट (Bio-inputs) तैयार करने का प्रशिक्षण भी लिया गया है। किसानों ने यह भी उल्लेख किया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन के कारण विभिन्न फसलों के क्षेत्र में वृद्धि हुई है।
​उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:
​इस अवसर पर निम्नलिखित अधिकारी और किसान उपस्थित थे:
श्री ​हेमंत उंदिरवाडे: तालुका तकनीकी प्रबंधक (आत्मा)
श्री ​सुनील बुद्धे: उप कृषि अधिकारी
​कु. पाटेकर: सहायक कृषि अधिकारी
श्री ​अन्नाजी जेन्गठे: किसान समूह के प्रतिनिधि
​अन्य अधिकारी एवं स्थानीय किसान उपस्थित थे l

महेश पांडुरंग शेंडे की रिपोर्ट…..