Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 14, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

कटनी में नकली बीड़ी-तेल माफिया पर बड़ी कार्रवाई, लेकिन हल्की धाराओं से उठे सवाल छापेमारी में करोड़ों का नकली माल जब्त, मास्टरमाइंड खुले में—सख्त कार्रवाई की मांग तेज

कटनी में नकली बीड़ी-तेल माफिया पर बड़ी कार्रवाई, लेकिन हल्की धाराओं से उठे सवाल

छापेमारी में करोड़ों का नकली माल जब्त, मास्टरमाइंड खुले में—सख्त कार्रवाई की मांग तेज
खबर:
कटनी | अप्रैल 2026
कटनी जिले में नकली बीड़ी और मिलावटी तेल के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ताबड़तोड़ छापेमारी की है। कोतवाली पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने शहर के कई थोक दुकानों और गोदामों से भारी मात्रा में नकली सामान जब्त किया है।
2 से 6 अप्रैल के बीच की गई कार्रवाई में वेस्ट बंगाल की अंजली ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर बेची जा रही ‘कैलकुलेटर’ ब्रांड की नकली बीड़ी का भंडाफोड़ किया गया। छापेमारी के दौरान कई व्यापारियों के यहां से बड़ी खेप बरामद हुई। वहीं, इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड प्रमोद बड़गैया अब भी खुलेआम घूमता नजर आ रहा है, जिससे कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कार्रवाई के दौरान इंडोनेशिया की प्रतिबंधित ब्लैक सिगरेट भी जब्त की गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय तस्करी के संकेत मिले हैं। यह पूरी कार्रवाई एसपी अभिनव विश्वकर्मा के निर्देशन में कंपनी के लीगल एडवाइजर की मौजूदगी में की गई। चौंकाने वाली बात यह है कि जबलपुर और दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद यह अवैध कारोबार जारी था।
वहीं 6 से 12 अप्रैल के बीच जिला प्रशासन ने ‘उत्तम ट्रेडर्स’ के तेल गोदाम और फैक्ट्री पर छापा मारकर नकली तेल के गोरखधंधे का पर्दाफाश किया। जांच में सामने आया कि नामी कंपनियों के नाम पर मिलावटी तेल बनाकर बाजार में बेचा जा रहा था। कलेक्टर श्री तिवारी के निर्देश पर गोदाम को सील कर दिया गया है।
हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहा है। इतनी गंभीर धोखाधड़ी और जनस्वास्थ्य से जुड़े खतरे के बावजूद मुख्यतः कॉपीराइट एक्ट के तहत ही मामला दर्ज किया गया है। कानून विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में धोखाधड़ी, मिलावट और ट्रेडमार्क उल्लंघन जैसी सख्त धाराएं भी लगाई जानी चाहिए थीं।
नकली बीड़ी और मिलावटी तेल का यह कारोबार न सिर्फ लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि सरकार के राजस्व को भी भारी नुकसान पहुंचा रहा है।
ऐसे में सवाल यह है कि क्या प्रशासन की यह कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित रह जाएगी, या फिर आरोपियों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसकर इस अवैध नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा