कटनी स्टेशन पर 163 से ज्यादा बच्चों को उतारने से हड़कंप, पढ़ाई या मानव तस्करी…? जांच के बाद 7 पर केस, मुस्लिम समुदाय में नाराज़गी
कटनी रेलवे स्टेशन पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब पटना-पुणे एक्सप्रेस से 163 से ज्यादा नाबालिग बच्चों को एक साथ उतार लिया गया। मामला मदरसा में पढ़ाई के लिए जा रहे बच्चों और कथित मानव तस्करी के आरोपों के बीच उलझ गया है, जिससे अब विवाद गहराता जा रहा है।
कटनी के मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब पटना-पुणे एक्सप्रेस से बड़ी संख्या में बच्चों को नीचे उतारा गया। सूचना मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी, महिला एवं बाल विकास विभाग और बाल सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई की।
सभी बच्चों को ट्रेन से उतारकर आरपीएफ थाने लाया गया, जहां उनकी गिनती की गई। अधिकारियों के अनुसार कुल 163 नाबालिग बच्चे पाए गए, जिन्हें सुरक्षा निगरानी में रखा गया।
प्रारंभिक पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे बिहार से महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में स्थित मदरसों में पढ़ाई के लिए जा रहे थे। हालांकि, बाल सुरक्षा आयोग को पहले से सूचना मिली थी कि इन बच्चों को काम कराने के उद्देश्य से ले जाया जा रहा है, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 81 बच्चों को जबलपुर के बाल गृह भेजा गया, जबकि अन्य बच्चों को कटनी के बाल गृह में रखा गया है।
इस पूरे मामले में बाल कल्याण समिति की लिखित शिकायत के आधार पर 7 लोगों के खिलाफ मानव तस्करी का मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
विजय गोठरिया, डीएसपी जीआरपी कटनी
“बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण दर्ज किया गया है, मामले की जांच की जा रही है।”
दूसरा पक्ष (मुस्लिम समुदाय का कहना ):
वहीं, कटनी के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बच्चे हर साल पढ़ाई के लिए बिहार से महाराष्ट्र जाते हैं और इस बार भी सभी बच्चों के पास आधार कार्ड और गांव के सरपंच का लिखित प्रमाण था।
समुदाय का आरोप है कि बिना पर्याप्त जांच के मानव तस्करी का मामला दर्ज कर दिया गया, जिससे बच्चों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि यदि पढ़ाई के लिए जाने वाले बच्चों के साथ इस तरह की कार्रवाई होगी, तो यह गलत संदेश देगा।
फिलहाल, मामला जांच में है और प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि यह मामला मानव तस्करी का साबित होता है या महज एक गलतफहमी।

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