महाराष्ट्र राज्य जिला गडचिरोली सरकारी ग्रामीण अस्पताल आष्टी के कर्मचारीयो द्वारा आमजन को बदलती हुवी लाईफ स्टाईल मे स्वास्थ – निरोगी जीवनदायी संदेश.
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जैसे-जैसे लाइफ स्टाइल चेंज हो रहा है वैसे-वैसे लोगों में बीमारियां भी बढ़ती जा रही हैं खास तौर पर शुगर की बीमारी लगातार बढ़ती जा रही है इसी संबंध में विशेषज्ञ डॉ ऋषिकेश बर्डे ने बताया कि शुगर की वजह से सबसे अधिक असर व्यक्ति के हृदय गुर्दे आंखें तंत्रिका तंत्र पर पड़ता है जिसकी वजह से कई बार व्यक्तियों की साइलेंट हार्ट अटैक की वजह से जान भी चली जाती है और मौत हो जाती है। बदलते लाइफस्टाइल में लोग का फास्ट फूड और शॉर्ट टर्म लाइफस्टाइल की ओर भाग रहे हैं शारीरिक एक्टिविटी ना होने की वजह से सबसे अधिक परेशानी हो रही है शारीरिक एक्टिविटी ना होने की वजह से सबसे अधिक लोग डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं और हार्ट अटैक का भी शिकार हो रहे हैं आमतौर पर यह बीमारी 25 साल की आगे के बाद एक सामान्य रूप ले लेती है और एक सामान्य बात हो चुकी है इसी संबंध में डॉक्टर ऋषिकेश बर्डे ने बतायाकी पहले के जमाने में महिलाए घर का सारा काम अकेले करती थी कुएं से पानी निकलने से लेकर के घर की साफ सफाई बर्तन माजना झाड़ू लगाना पैदल जाना लेकिन अब बदलते जमाने के साथ लाइफ़स्टाइल बदल चुका है l लुक अप फास्ट फूड का सेवन सबसे अधिक करते हैं शारीरिक एक्टिविटी ना होने की वजह से लोगों में डायबिटीज की संख्या भी बढ़ती जा रही है।
शराब है सबसे बड़ा खतरा l उन्होंने बताया कि डायबिटीज पेशेंट के लिए शराब सबसे बड़ा खतरा है।आमतौर पर डॉक्टर के परामर्श के बाद ही बहुत ही कम मात्रा में प्रयोग की जा सकती है l लेकिन लोग बिना डॉक्टर के परामर्श के ही ड्रिंक और अल्कोहल का सेवन हद से ज्यादा कर लेते हैं l जिस वजह से शुगर की मात्रा हाई लेवल पर पहुंच जाती है l और व्यक्ति की जान तक चली जातीहै। ऑनलाइन दवाइयां भी है जान का खतरा है l आगे इन्होंने बताया कि कई बार लोग जो है l विज्ञापन देखकर आकर्षक विज्ञापन देखकर या लोगों से बातचीत करके बिना डॉक्टर की सलाह लिए बिना किसी जांच के खुद ही शुगर बढ़ने पर शुगर की दवाइयां लेना शुरू कर देते हैं l और बाद में कहते हैं कि शुगर लेवल कंट्रोल नहीं हो रहा है l इस वजह से भी व्यक्ति की जान को खतरा बन जाता है l ऐसे में उन्होंने कहा कि बिना डॉक्टर के परामर्श के या आकर्षक विज्ञापन से आकर्षित न होकर के कभी भी बिना पूछे दवा नहीं लेनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि डायबिटीज पेशेंट को खास तौर पर आलू, चावल ओर मिठाइयों से दूर रहना चाहिए सबसे अधिक अंकुरित दाल, चना, सेब, संतरा कुछ ग्राम पपीता सबसे ज्यादा फायदेमंद करता है l शुगर के पेशेंट को थोड़ी-थोड़ी समय पर कुछ ना कुछ खाते रहना चाहिए इसे शुगर की मात्रा कंट्रोल में रहती है l सबसे अधिक फायदा इन्होंने बताया कि सुबह खाली पेट और खाना खाने के 2 घंटे बाद हफ्ते में एक बार जांच अवश्य करनी चाहिए और डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवाइयां प्रयोग करनी चाहिए।
डायबिटीज पेशेंट नहीं रख सकते व्रत और रोजा आगे इन्होंने बताया कि जिन लोगों को डायबिटीज है l वह लोग करवा चौथ का व्रत और रोजा नहीं रख सकते क्योंकि ऐसी कंडीशन में व्यक्ति का कुछ ना कुछ खाना बहुत जरूरी होता है l लेकिन व्रत के दौरान व्यक्ति रहा तो पानी पीता है l ना ही कुछ खाता है l जिस वजह से शुगर की मात्रा सबसे अधिक बढ जाति है और व्यक्ति की जिंदगी पर भी बुरा असर पडता है l या जान तक चली जाती है। ऐसी कंडीशन में डॉक्टर के साथ जरूरी परामर्श लेते रहना चाहिए।
प्रत्येक 3 महीने के बाद हो चेक अप कराये आगे उन्होंने बताया कि एक समय के बाद व्यक्ति को फुल बॉडी चेकअप करा लेना चाहिए खास तौर 3 से 6 महीने के बाद व्यक्ति को खाली पेट और खाना खाने के 2 घंटे बाद की शुगर की जांच कर लेनी चाहिए इसके अलावा फुल बॉडी चैकअप भी करना अनिवार्य होता है l इससे पता चल जाता है और सही समय पर सही बीमारी पता चलने से उसका सही समय पर इलाज भी शुरू हो जाता है और उसे कंट्रोल किया जा सकता है। पांव में सूजन नसों में खिंचाव है सबसे बड़ा लक्षण आगे उन्होंने बताया कि यदि किसी को भी शुगर की मात्रा सबसे अधिक बढ़ने लगती है l तो उसे सबसे पहला लक्षण है l कि व्यक्ति को सबसे अधिक प्यास लगती है l और सबसे अधिक पेशाब आना शुरू हो जाती है l कई बार शुगर लेवल अधिक होने से व्यक्ति के पैर में सूजन पैरों में घटिया कंधे में खिंचाव हड्डियों की नसों में खिंचाव शुरू होने लगता है l और व्यक्ति को चलने में उठने बैठने में भी सबसे अधिक परेशानी होने लगती है। नियमित व्यायाम ओर प्राणायाम से काफी हद तक सुधार आ सकता है l आयुर्वेद नुसार तांबे की लोटे मे रात भर पाणी रखे ओर सुबह खाली पेट उस पाणी का सेवन करे जिससे अधिक लाभ प्राप्त होगा l
महेश पांडुरंग शेंडे की रिपोर्ट….

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