Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 27, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

मुड़वारा स्टेशन पर नियमों को दरकिनार कर बना कंटेनर रेस्टोरेंट? लोकेशन बदली, निर्माण बढ़ा, रेलवे अधिकारियों पर उठे सवाल

मुड़वारा स्टेशन पर नियमों को दरकिनार कर बना कंटेनर रेस्टोरेंट? लोकेशन बदली, निर्माण बढ़ा, रेलवे अधिकारियों पर उठे सवाल


कटनी | विशेष रिपोर्ट
कटनी के मुड़वारा स्टेशन पर संचालित लॉन कम कंटेनर रेस्टोरेंट को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि रेलवे द्वारा जिस स्थान और शर्तों के तहत टेंडर जारी किया गया था, वास्तविक निर्माण उससे अलग स्थान और अलग स्वरूप में किया गया। पूरे मामले में रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है।
जानकारी के अनुसार कंटेनर रेस्टोरेंट के संचालन के लिए डीआरएम (कॉमर्शियल) जबलपुर द्वारा अनसोलिसिटेड प्रपोजल के आधार पर ओपन टेंडर जारी किया गया था। यह टेंडर करीब 35.51 लाख रुपए के लिए पांच वर्ष की अवधि हेतु स्वीकृत बताया गया। दस्तावेजों के अनुसार रेस्टोरेंट निर्माण के लिए मुड़वारा स्टेशन से कुछ दूरी पर जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के सामने निर्धारित स्थान चिन्हित किया गया था।
लेकिन आरोप है कि तय स्थान पर निर्माण करने के बजाय रेस्टोरेंट को स्टेशन प्रवेश द्वार के पास स्थापित कर दिया गया। इतना ही नहीं, जहां निर्माण को सिंगल स्टोरी और सीमित क्षेत्र तक रखना था, वहां कथित तौर पर अतिरिक्त निर्माण करते हुए डबल स्टोरी संरचना तैयार कर दी गई।
मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि टेंडर की मूल शर्तों में बदलाव हुआ था तो क्या इसकी सार्वजनिक सूचना जारी की गई? क्या नए नियमों के अनुसार अन्य इच्छुक पक्षों को भी आवेदन का अवसर दिया गया?
सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि रेलवे भूमि पर अतिक्रमण और व्यावसायिक उपयोग को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं हैं। साथ ही देर रात गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस पूरे मामले पर पश्चिम मध्य रेलवे के वरिष्ठ डीसीएम मधुर वर्मा का कहना है कि प्रस्तावित स्थान से अलग संचालन किए जाने के बावजूद सभी आवश्यक प्रक्रियाओं और नियमों का पालन किया गया है।
वहीं रेस्टोरेंट संचालक संदीप रघुवंशी ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संचालन पूरी तरह टेंडर की शर्तों के अनुसार किया जा रहा है और किसी प्रकार के नियमों का उल्लंघन नहीं हुआ है।
अब बड़ा सवाल यह है कि यदि टेंडर की शर्तों में बदलाव हुआ तो क्या प्रक्रिया पारदर्शी थी? और यदि नहीं, तो क्या रेलवे प्रशासन पूरे मामले की जांच कर जवाबदेही तय करेगा?
जनता का सवाल — क्या रेलवे की जमीन और टेंडर प्रक्रिया पर इसी तरह सवाल उठते रहेंगे या होगी निष्पक्ष जांच