पुण्य उदय से होता है इंद्रध्वज महामंडल विधान,,जो विश्व में शांति लायेगा,,,
पोरसा:,,,,,,
इन्द्र ध्वज महामंडल विधान शाश्वत पुण्य का उदय है। जिनेन्द्र भगवान की पूजा भक्ति सिद्ध अवस्था को प्राप्त कराती है। वीतरागी मुद्रा का चिंतन राग द्वेष का शमन करता है। जो जीव भगवान के नजदीक रहता है। उसके चिंतन, मंथन, संयम तप धारण करने से मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
यह विचार जैन साध्वी अंतसमिति माता जी ने जैन मंदिर में चल रहे इन्द्र ध्वज महामंडल विधान के दौरान प्रवचन करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि वीतरागी मुद्रा के दर्शन मात्र से असंख्य कर्मो की निर्जरा होती है। इन्द्रध्वज विधान का विचार अनुमोदन मात्र से पुण्य मिलता है। यह विधान की प्रक्रिया अनिल भैया के मार्गदर्शन में संपन्न हो रही है जिसमें भाग लेने के लिए श्री आदिनाथ जैन बड़ा मंदिर गांधीनगर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर धर्म लाभ ले रहे हैं,,,,,

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