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Dharmendra Singh

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February 14, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

हरा चारा तो दूर, ढंग का भूंसा भी नसीब नहीं, तड़प रहे गौवंश हर महीने 50 हजार का भूसा, चूनी खरीद रहे सचिव और सरपंच फिर भी भूख से मार रहे गोवंश रीठी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत पोंड़ी में संचालित गौशाला का मामला

हरा चारा तो दूर, ढंग का भूंसा भी नसीब नहीं, तड़प रहे गौवंश

हर महीने 50 हजार का भूसा, चूनी खरीद रहे सचिव और सरपंच फिर भी भूख से मार रहे गोवंश

रीठी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत पोंड़ी में संचालित गौशाला का मामला

कटनी /रिठी – रीठी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत पोंड़ी में बनी गौशाला में हरा चारा और पानी के कोई इंतजाम नहीं हैं। स्थित यह है कि ग्राम पंचायत की मनमानी की शिकार गौशाला में बेसहारा मवेशी असमय काल के गाल में समा रहे हैं। भूख व प्यास से गौवंश गौशाला में तड़प रहे हैं। बताया गया कि गौवंशो की मौत के बाद उन्हें वहीं पहाड़ी पर फेंक दिया जाता है और संचालक अपनी मनमानी की किसी को भनक तक नहीं लगने दे रहे हैं।
शासन के निर्देश पर बेसहारा मवेशियों के लिए रीठी जनपद पंचायत की चिन्हित ग्राम पंचायतों में गौशाला स्थापित की गई हैं। गौवंशों के छाया, चारा-पानी, रख-रखाव आदि के लिए लाखों रुपए का बजट दिया जा रहा है। शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल गौशाला का संचालन मनमानी पर निर्भर हो गया है। रीठी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत पोंड़ी में बनी गौशाला इन दिनों बदहाल है। इस गौशाला में तकरीबन 200 गायों को रखा गया है। अफसोस की बात यह है कि गौवंशों को हरा चारा तक नसीब नहीं हो रहा है। गौवंशों के सामने सूखा भूसा डाल दिया जाता है। गौवंशों का पेट सूखे भूंसे से भरा जा रहा है। यह स्थिति पिछले काफी दिनों से बनी हुई है। देखा गया कि भूख-प्यास व देखरेख के अभाव में गौशाला में ही गौवंश तड़प रहे हैं।

ग्राम पंचायत कर रही संचालन

बताया गया कि ग्राम पंचायत पोंड़ी में बनी गौशाला का संचालन ग्राम पंचायत द्वारा ही किया जा रहा है। जिसमें मनमानी बरती जा रही है और गौवंशों के हक की राशि को जनपद के अधिकारियों की मिलीभगत से हड़पी जा रही है। देखा गया कि कई नग गौवंश गौशाला में ही बीमार हालत में पड़े हुए हैं।