स्वयंसेवी संस्थाओं की भागीदारी से महाराष्ट्र में होगा तेजी से परिवर्तन – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस….
गडचिरोली जिले में पोषण, स्वास्थ्य और बाल विकास के लिए टाटा ट्रस्ट के साथ समझौता
गडचिरोली दिनांक १२: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में सह्याद्री अतिथि गृह में टाटा ट्रस्ट और नाम फाउंडेशन के साथ विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) की भागीदारी से महाराष्ट्र में तेजी से परिवर्तन आएगा।
इस समझौते के तहत गडचिरोली जिले के लिए निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है:
स्वास्थ्य और पोषण बाल विकास जल संरक्षण ग्रामीण आजीविका को मजबूत करना उपस्थित गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे, मृदा एवं जल संरक्षण मंत्री संजय राठौड़, महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे, सार्वजनिक स्वास्थ्य राज्य मंत्री मेघना बोर्डीकर-साकोरे, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल, गडचिरोली के जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा के साथ-साथ टाटा ट्रस्ट के अध्यक्ष नोएल टाटा और नाम फाउंडेशन के संस्थापक नाना पाटेकर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य के प्रत्येक परिवार को स्वास्थ्य, पोषण, जल सुरक्षा और स्थायी आजीविका प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से इन योजनाओं का कार्यान्वयन अधिक प्रभावी होगा।
गडचिरोली के लिए पोषण और बाल विकास पर विशेष ध्यान
इस समझौते के अंतर्गत गडचिरोली जिले में निम्नलिखित पहल की जाएगी:
0 से 6 वर्ष के आयु वर्ग के लिए बाल देखभाल (childcare) सुविधाएं स्थापित करना।
इससे छोटे बच्चों को सुरक्षित वातावरण में पोषण और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा मिले l
६ से १२ वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के लिए फलों का वितरण और विटामिन ‘सी’ की गोलियों का वितरण किया जाएगा, जिससे कुपोषण और एनीमिया (रक्त की कमी) को रोकने में मदद मिलेगी।
जिले में पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच के अंतर को पहचानने के लिए तीन महीनों के भीतर तत्काल एक सर्वेक्षण अभियान शुरू किया जाएगा। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों में रुकने वाले विकास (stunting), कम वजन और कुपोषण को रोकने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। साथ ही, किशोर लड़के-लड़कियों में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाकर एनीमिया उन्मूलन पर जोर दिया जाएगा। ‘टेक-होम राशन’ योजना के वितरण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवा सुदृढ़ीकरण और गंभीर बीमारियों का उपचार करार (समझौते) के माध्यम से टेलीमेडिसिन सहित प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री सहायता निधि के अंतर्गत गंभीर बीमारियों के उपचार को अधिक सुलभ और किफायती बनाने का संकल्प व्यक्त किया गया है। नागपुर के मान्यता प्राप्त अस्पतालों के साथ समझौता कर जरूरतमंद मरीजों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की गई है।
जल संरक्षण और स्थायी आजीविका को बढ़ावा
‘नाम फाउंडेशन’ के सहयोग से तालाबों के पुनरुद्धार, गाद निकालने, नालों और नदियों को गहरा करने तथा भूजल पुनर्भरण जैसे कार्यों को गति दी जाएगी। कम वर्षा और पानी की कमी वाले क्षेत्रों में मृदा एवं जल संरक्षण के उपाय लागू कर कृषि और पशुधन विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। जलवायु परिवर्तन के मद्देनजर जलवायु-आधारित कृषि पद्धतियों का भी प्रसार किया जाएगा।
समझौते इस प्रकार हैं:
राज्य सरकार ने टाटा ट्रस्ट के साथ कुल १२ समझौते किए हैं। इनमें ग्रामीण विकास, जल संरक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य, महिला एवं…
समझौतों का विवरण
राज्य सरकार ने टाटा ट्रस्ट के साथ कुल १२ समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों में निम्नलिखित क्षेत्र और संस्थाएं शामिल हैं:
क्षेत्र: ग्राम विकास, जल संरक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास।
प्रशासन: गढ़चिरौली जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री सहायता निधि।
संस्थान और अस्पताल: * राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (नागपुर)
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS)
मध्य भारत आयुर्विज्ञान संस्थान
केयर हॉस्पिटल
स्वामी विवेकानंद मेडिकल मिशन
मिडास मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल
अन्य: नाम फाउंडेशन और टाटा मोटर्स ने भी जल संरक्षण विभाग के साथ समझौता किया है।
महेश पांडुरंग शेंडे की रिपोर्ट….

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