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Dharmendra Singh

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February 15, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

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रबी के लिए राहत भरी खबर : माही से खिले किसानों के चेहरे,कालीकराई ने बढाए चिंता की लकीरे,लेवल मेंटन के लिए माही का एक गेट खोला

रबी के लिए राहत भरी खबर : माही से खिले किसानों के चेहरे,कालीकराई ने बढाए चिंता की लकीरे,लेवल मेंटन के लिए माही का एक गेट खोला

 

सरदारपुर से राहुल राठौड़

 

सरदारपुर । कम बारिश के बीच किसानों के लिए राहत भरी खबर माही बांध के लबरेज होने पर आए है। सोमवार को माही मुख्य बांध का लेवल 450.75 मीटर पर पहुंचने पर बांध का एक गेट आधा मीटर खोलकर जल निकासी की गए।

सोमवार को शाम को 4 बजकर 10 मिनट पर जल संसाधन विभाग झाबुआ के कार्यपालन यंत्री विपिन पाटीदार के द्वारा विधिवत पूजा अर्चना कर बांध का एक गेट खोलकर माही नदी मे पानी छोडा गया।

 

 

गेट खोलने के एक घंटे पूर्व से ही नदी के निचले क्षेत्र मे माइक से मुनादी कर नदी एंव तटीय क्षेत्र के आसपास गतिविधियां कर रहे ग्रामीणो को हटाया गया। वही बांध का गेट खोलने के पुर्व सायरन बजाकर सूचित किया गया। इस दौरान माही विभाग के एसडीओ धीरज जामोद एसडीओ हीरालाल डावर,सहायक यंत्री पूजा पाटीदार, उपयंत्री ईशा टैगोर,विद्युत यांत्रिकी विभाग के सचिन अहिरवार,माही परियोजना के मनोहर पुरोहित सहित बडी संख्या मे विभागीय अमला उपस्थित था।

 

 

लेवल मेटन के लिए एक गेट खोला————

 

 

जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री विपिन पाटीदार ने चर्चा के दौरान बताया की बारिश के मौसम को देखते हुए दोनों बांध स्थल पर विभागीय अमला अलर्ट है। सोमवार को माही मुख्य बांध मे जल लेवल मेंटेन करने के लिये बांध का एक गेट आधा मीटर खोला गया है। श्री पाटीदार ने बताया की बांध की पूर्ण जलग्रहण क्षमता 451.50 मीटर है लेकिन अभी 450.50 मीटर के लेवल को मेंटेन किया जा रहा है। बांध मे अभी 54 घन मीटर प्रति सेकंड पानी की आवक हो रही है। वही 62 घन मीटर प्रति सेकंड पानी नदी मे छोडा जा रहा है। आपने बताया कि यदि बांध मे पानी की आवक अधिक होगी तो उसके अनुसार गेट ओपन करने का निर्णय लिया जाएगा इसके लिये बांध स्थल पर 24 घंटे विभागीय अमला अलर्ट है।

वैसे इस वर्ष माही मुख्य बांध स्थल पर 413 मिमी 16.52 इंच के करीब बारिश हुई है। माही मुख्य बांध से झाबुल जिले की पेटलावद तहसील मे करीब 22600 हेक्टेयर भूभाग मे किसान रबी के सीजन मे सिंचाई सुविधा का लाभ लेते है।

 

 

कालीकराई ने बढाए चिंता की लकीरे—————

 

वही किसानो के लिये चिंता की खबर यह भी है की माही परियोजना का उपमुख्य बांध कालीकराय अभी भी अपनी पुर्ण जलग्रहण क्षमता से 3 मीटर खाली है। बांध अभी 41 प्रतिशत ही भर पाया है और बारिश अपने आखिरी दौर मे है। काली कराई बांध से सरदारपुर और बदनावर तहसील मे 6600 हेक्टेयर क्षेत्र मे किसान रबी सीजन मे सिंचाई सुविधा का लाभ उठाते है। वैसे तो मानसून की विदाई अक्टूबर माह में होती है लेकिन धार-झाबुआ जिले मे 15 सितंबर के बाद करीब-करीब तेज बारिश का दौर थम सा जाता है । किसानों को अब केवल तेज बारिश से आस है। वैसे इस बांध के लिए कुछ राहत भरी खबर यह भी है की काली कराई बांध के ऊपरी क्षेत्र मे जो छोटे-छोटे निस्तारी तालाब बने हुये है वे करीब-करीब भरा चुके है जिसके चलते पिछले तीन चार दिनो से बांध में पानी की आवक लगातार बनी हुए है।

 

किसानो की माँग पर लिफ्ट इरीगेशन पर विभाग गंभीरता से विचार करेगा —–

 

 

काली कराय बांध स्थल पर इस मानसून सत्र म3मे 467 मिमी यानी लगभग 18.68 इंच बारिश दर्ज हुए है । बांध का जलस्तर 471.30 मीटर के लेवल पर आ गया है बांध की पुर्ण जलग्रहण क्षमता 474.30 मीटर है। बांध वर्तमान में 41 प्रतिशत के करीब भरा जा चुका है।

कार्यपालन यंत्री विपिन पाटीदार से चर्चा की गई तो उन्होने बताया की अभी बारिश का मौसम बना हुआ है। संभावना है की काली कराई बांध अपनी पुर्ण जलग्रहण क्षमता को धारण कर लेगा। लेकिन यदि बांध कुछ खाली भी रहता है तो उसके अनुरूप किसानों को फसलों की बुआई एंव पानी देने का निर्णय परिस्थितियों के अनुसार लिया जायेगा। वही माही बांध से काली कराई बांध में लिफ्ट इरीगेशन के माध्यम से भरने की किसानों की मांग के प्रश्न पर श्री पाटीदार ने बताया की वैसे तो पिछले दो सालो से बांध अपनी पुर्ण जलग्रहण क्षमता धारण करता आ रहा है। लेकिन यदि भविष्य को देखते हुए विभाग इस पर गंभीरता से विचार करेगा और यदि किसानों की और से मांग आती है तो उसका प्रपोजल बनाकर वरिष्ठालय को भेजा जायेगा।