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Dharmendra Singh

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February 11, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

महाराष्ट्र राज्य जिला ​गडचिरोली को मुख्यमंत्री बळीराजा पांदन सड़क योजना में राज्य के लिए आदर्श स्थापित करना चाहिए –सह-पालक मंत्री एड.

महाराष्ट्र राज्य जिला ​गडचिरोली को मुख्यमंत्री बळीराजा पांदन सड़क योजना में राज्य के लिए आदर्श स्थापित करना चाहिए –सह-पालक मंत्री एड. आशीष जायसवाल द्वारा समीक्षा बैठक……

 

मुख्यमंत्री बलिराजा कृषि/पांदन सड़क योजना किसानों के कृषि उत्पादों के परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और मुख्यमंत्री की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसके प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से गडचिरोली जिले को राज्य में एक आदर्श स्थापित करना चाहिए, ये निर्देश राज्य के वित्त, नियोजन, कृषि, मदद एवं पुनर्वास, विधि एवं न्याय, श्रम राज्य मंत्री तथा जिले के सह-पालक मंत्री एड. आशीष जायसवाल ने दिए।

जिलाधिकारी कार्यालय में इस योजना की समीक्षा करते हुए वे बोल रहे थे। इस अवसर पर विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे, विधायक रामदास मसराम, जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे, सहायक जिलाधिकारी कुशल जैन व एम. अरुण, अतिरिक्त जिलाधिकारी नितिन गावंडे, उपजिल्हाधिकारी स्मिता बेलपात्रे, आरमोरी के उपविभागीय अधिकारी प्रसेनजित प्रधान सहित सभी उपविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार उपस्थित थे।

​प्रमुख बिंदु:

​किसानों की सुविधा: सह-पालक मंत्री ने कहा कि पांदन सड़कों (खेत की सड़कों) के अभाव में कृषि उपकरण, खाद और बीज समय पर खेतों तक नहीं पहुँच पाते हैं।

​आर्थिक लाभ: सड़कों की कमी के कारण उत्पादित माल को बाजार तक ले जाने में दिक्कत आती है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान होता है।

​गुणवत्ता और समय: उन्होंने निर्देश दिए कि इस स्थिति को बदलने के लिए सड़कों का काम गुणवत्तापूर्ण और समय पर पूरा होना चाहिए।

​मानसून पूर्व नियोजन: विशेष रूप से मानसून शुरू होने से पहले ज्यादा से ज्यादा सड़कों का काम पूरा हो सके, इसके लिए सटीक नियोजन करने के निर्देश दिए गए।

​इस योजना को लागू करते समय किसानों के प्रति समर्पित भावना से काम करना चाहिए। यह कहते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि इस योजना में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा और गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। योजना के अंतर्गत ‘पांदन’ (खेतों के बीच के रास्ते) सड़कों की मापाई, सीमांकन और पंजीकरण के लिए किसानों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, साथ ही उन्होंने मार्ग में आने वाले अतिक्रमण को तुरंत हटाने के निर्देश दिए।

​पांदन सड़कों के निर्माण के लिए आवश्यक सभी मानदंडों को पूरा करने वाले ठेकेदारों का एक सक्षम पैनल तैयार कर, उनके माध्यम से जिले में अधिक से अधिक सड़कों का काम तेजी से पूरा करने के निर्देश सह-पालक मंत्री ने दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उचित नियोजन कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने वाले जिलों को ही सरकार से निधि (फंड) उपलब्ध होगी, इसलिए इस काम में कोई देरी नहीं होनी चाहिए।

​समीक्षा बैठक में सह-पालक मंत्री ने पांदन सड़कों के संबंध में किसानों से प्राप्त शिकायतों की संख्या, उन पर की गई कार्रवाई, और अब तक कितनी सड़कों की पहचान कर उन्हें ‘गांव क्रमांक’ दिया गया है, इस बारे में विस्तृत जानकारी ली।

​प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, गडचिरोली जिले में कुल 7,437 पांदन सड़कों का सर्वेक्षण किया गया है, जिनमें से 526 सड़कों की मापाई और सीमांकन पूरा हो चुका है। सरकारी निर्णय के अनुसार, सभी 7,437 सड़कों को विशिष्ट कोड (ID) दिए गए हैं, ऐसी जानकारी दी गई।

​जिलाधिकारी अविशांत पंडा ने इस अवसर पर योजना के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा प्रस्तुत की और प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी।

महेश पांडुरंग शेंडे….