महाराष्ट्र राज्य-पोलीस प्रशासन द्वारा जिला गडचिरोली पुलिस मुख्यालय कांफ्रेंस हॉल में समीक्षा बैठक…

इस बैठक में प्रदेश के जोनल SDPO और विभिन्न शाखाओं के प्रमुख अधिकारी शामिल रहे। बैठक का उद्देश्य प्रदेश की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, स्टाफ प्रबंधन और प्रशासनिक सुधारों की विस्तृत समीक्षा करना था। लंबे समय बाद इस स्तर की विस्तृत भौतिक समीक्षा बैठक आयोजित होने से संगठित नीति निर्धारण और कार्यप्रणाली में सुधार संभावित है।
बैठक में SP महोदय श्री निलोउत्पल ने कहा कि पुलिस संगठन की कार्यशैली में निरंतर सुधार एवं अपग्रेडेशन समय की आवश्यकता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस की जिम्मेदारी समाज में शांति, विश्वास और सुरक्षा का वातावरण बनाए रखना भी है। उन्होंने वीवीआईपी कार्यक्रमों के दौरान पूर्ण सतर्कता बनाए रखने, संवेदनशील मामलों में तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई करने तथा साइबर अपराध, नक्सल गतिविधियों और नशीले पदार्थों के नेटवर्क के विरुद्ध ठोस कार्रवाई करने पर विशेष बल दिया। उनका कहना था कि इन क्षेत्रों में योजनाबद्ध और लक्षित रणनीति अपनाई जाए, ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि “अच्छे कार्यों की सराहना की जाए और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को तत्काल पुरस्कृत किया जाए।”
सायबर अपराध, मादक पदार्थ, सड़क सुरक्षा बड़ी चुनौती है। महिला अपराध सुरक्षा, सोशल मीडिया प्लेटफार्म के संबंध में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए गए।
प्रमुख बिंदु
नक्सलवाद: नक्सल समस्या को खत्म करने के लिए निरंतर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है।
चुनौतियां: साइबर अपराध, नशीले पदार्थ और सड़क सुरक्षा को बड़ी चुनौतियों के रूप में पहचाना गया है।
सुरक्षा निर्देश: महिला सुरक्षा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी को लेकर पुलिस अधिकारियों को गंभीर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में पुलिस व्यवस्था को व्यावसायिक रूप से और अधिक दक्ष बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। स्टाफ ऑडिट की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने और फोर्स के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने आने वाले महाशिवरात्री जैसे बड़े धार्मिक आयोजन की तैयारियों को अभी से प्रारंभ करने पर बल दिया गया, ताकि भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात नियंत्रण जैसे पहलुओं पर पहले से मजबूत रणनीति बनाई जा सके।
आधुनिक पुलिसिंग के डिजिटल सीसीटीएनएस (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतों पर तत्काल, संवेदनशील और निष्पक्ष प्रतिक्रिया मिलनी चाहिए। इसके साथ ही, प्रदेश के सभी थानों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि माननीय उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन प्राथमिकता से हो।
अनुशासन, व्यवहारिक संतुलन और प्रोफेशनलिज्म पुलिस कार्य का आधार होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि थाना स्तर पर आम जनता से संवाद करते समय संयम, धैर्य और संवेदनशीलता प्रदर्शित करने के साथ ही त्वरित कार्यवाही की जाए। इसके माध्यम से पुलिस का मानवीय चेहरा समाज के सामने आएगा और नागरिकों का विश्वास बढ़ेगा।
पुलिस द्वारा निरंतर अच्छे कार्य किए गए हैं। सभी महत्वपूर्ण एवं गंभीर प्रकरणों में पतासाजी कर संपत्ति की बरामदगी एवं अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है। इसमें समस्त मैदानी पुलिस अधिकारियों का योगदान सराहनीय है।”
स्टॉफ का रोटेशन समय पर किया जाए। उन्होंने सभी इकाइयों में स्ट्रेस मैनेजमेंट, माइक्रो बीट सिस्टम को लागू करने के निर्देश दिये, निरंतर 3 -3 जिससे पुलिस कर्मियों के मानसिक संतुलन और कार्यक्षमता में सुधार हो। मानसिक रूप से स्वस्थ और संतुलित पुलिस बल बेहतर सेवा दे सकता है। अंत में SP श्री निलोउत्पल ने कहा कि पुलिस का कर्तव्य केवल अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं है, बल्कि आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास, पारदर्शिता और सकारात्मक छवि स्थापित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आमजन के लिये भरोसा देते हुवे यह संदेश दिया “सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी हमारी”
महेश पांडुरंग शेंडे की रिपोर्ट….
महाराष्ट्र राज्य-पोलीस प्रशासन द्वारा जिला गडचिरोली पुलिस मुख्यालय कांफ्रेंस हॉल में समीक्षा बैठक…
इस बैठक में प्रदेश के जोनल SDPO और विभिन्न शाखाओं के प्रमुख अधिकारी शामिल रहे। बैठक का उद्देश्य प्रदेश की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, स्टाफ प्रबंधन और प्रशासनिक सुधारों की विस्तृत समीक्षा करना था। लंबे समय बाद इस स्तर की विस्तृत भौतिक समीक्षा बैठक आयोजित होने से संगठित नीति निर्धारण और कार्यप्रणाली में सुधार संभावित है।
बैठक में SP महोदय श्री निलोउत्पल ने कहा कि पुलिस संगठन की कार्यशैली में निरंतर सुधार एवं अपग्रेडेशन समय की आवश्यकता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस की जिम्मेदारी समाज में शांति, विश्वास और सुरक्षा का वातावरण बनाए रखना भी है। उन्होंने वीवीआईपी कार्यक्रमों के दौरान पूर्ण सतर्कता बनाए रखने, संवेदनशील मामलों में तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई करने तथा साइबर अपराध, नक्सल गतिविधियों और नशीले पदार्थों के नेटवर्क के विरुद्ध ठोस कार्रवाई करने पर विशेष बल दिया। उनका कहना था कि इन क्षेत्रों में योजनाबद्ध और लक्षित रणनीति अपनाई जाए, ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि “अच्छे कार्यों की सराहना की जाए और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को तत्काल पुरस्कृत किया जाए।”
सायबर अपराध, मादक पदार्थ, सड़क सुरक्षा बड़ी चुनौती है। महिला अपराध सुरक्षा, सोशल मीडिया प्लेटफार्म के संबंध में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए गए।
प्रमुख बिंदु
नक्सलवाद: नक्सल समस्या को खत्म करने के लिए निरंतर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है।
चुनौतियां: साइबर अपराध, नशीले पदार्थ और सड़क सुरक्षा को बड़ी चुनौतियों के रूप में पहचाना गया है।
सुरक्षा निर्देश: महिला सुरक्षा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी को लेकर पुलिस अधिकारियों को गंभीर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में पुलिस व्यवस्था को व्यावसायिक रूप से और अधिक दक्ष बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। स्टाफ ऑडिट की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने और फोर्स के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने आने वाले महाशिवरात्री जैसे बड़े धार्मिक आयोजन की तैयारियों को अभी से प्रारंभ करने पर बल दिया गया, ताकि भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और यातायात नियंत्रण जैसे पहलुओं पर पहले से मजबूत रणनीति बनाई जा सके।
आधुनिक पुलिसिंग के डिजिटल सीसीटीएनएस (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतों पर तत्काल, संवेदनशील और निष्पक्ष प्रतिक्रिया मिलनी चाहिए। इसके साथ ही, प्रदेश के सभी थानों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि माननीय उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन प्राथमिकता से हो।
अनुशासन, व्यवहारिक संतुलन और प्रोफेशनलिज्म पुलिस कार्य का आधार होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि थाना स्तर पर आम जनता से संवाद करते समय संयम, धैर्य और संवेदनशीलता प्रदर्शित करने के साथ ही त्वरित कार्यवाही की जाए। इसके माध्यम से पुलिस का मानवीय चेहरा समाज के सामने आएगा और नागरिकों का विश्वास बढ़ेगा।
पुलिस द्वारा निरंतर अच्छे कार्य किए गए हैं। सभी महत्वपूर्ण एवं गंभीर प्रकरणों में पतासाजी कर संपत्ति की बरामदगी एवं अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है। इसमें समस्त मैदानी पुलिस अधिकारियों का योगदान सराहनीय है।”
स्टॉफ का रोटेशन समय पर किया जाए। उन्होंने सभी इकाइयों में स्ट्रेस मैनेजमेंट, माइक्रो बीट सिस्टम को लागू करने के निर्देश दिये, निरंतर 3 -3 जिससे पुलिस कर्मियों के मानसिक संतुलन और कार्यक्षमता में सुधार हो। मानसिक रूप से स्वस्थ और संतुलित पुलिस बल बेहतर सेवा दे सकता है। अंत में SP श्री निलोउत्पल ने कहा कि पुलिस का कर्तव्य केवल अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं है, बल्कि आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास, पारदर्शिता और सकारात्मक छवि स्थापित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आमजन के लिये भरोसा देते हुवे यह संदेश दिया “सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी हमारी”
महेश पांडुरंग शेंडे की रिपोर्ट….

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