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Dharmendra Singh

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February 2026
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February 24, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

🚨 कटनी में ‘चक्रवृद्धि जल कर’ पर बवाल: नागरिकों ने बताया असंवैधानिक, वापसी की उठी मांग

शहर में जल कर की वसूली को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नगर निगम कटनी द्वारा मूल जल कर राशि के साथ अधिरोपित अतिरिक्त शुल्क पर भी चक्रवृद्धि ब्याज जोड़कर वसूली किए जाने के खिलाफ नागरिकों में तीव्र आक्रोश व्याप्त है। इसे मनमाना, अवैधानिक और जनविरोधी कदम बताते हुए तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की मांग उठी है।
🔎 वैधानिकता पर सवाल
स्थानीय नागरिकों और जागरूक वर्ग का कहना है कि मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम अथवा संबंधित नियमों में जल कर पर चक्रवृद्धि ब्याज लगाने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। ऐसे में यह वसूली न केवल नियमों के विपरीत है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) एवं अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) की मूल भावना का भी उल्लंघन है।
📌 केवल कटनी में क्यों?
जानकारी के अनुसार प्रदेश के अन्य नगर निगमों एवं नगर पालिकाओं में इस प्रकार की वसूली का कोई उदाहरण नहीं मिलता। इससे यह प्रश्न उठता है कि क्या यह व्यवस्था केवल कटनी में मनमाने ढंग से लागू की गई है?
💬 “गुंडा टैक्स” जैसी स्थिति
नागरिकों ने इस अतिरिक्त वसूली को “गुंडा टैक्स” की संज्ञा देते हुए आरोप लगाया है कि इससे आम जनता पर आर्थिक दबाव बनाया जा रहा है। महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट के दौर में जल जैसी मूलभूत आवश्यकता पर दंडात्मक भार डालना कल्याणकारी राज्य की अवधारणा के विपरीत बताया जा रहा है।
📝 नागरिकों की प्रमुख मांगें
जल कर पर लगाए जा रहे चक्रवृद्धि ब्याज को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए।
केवल मूल कर राशि या नियमों में वर्णित साधारण ब्याज (यदि वैधानिक रूप से अनुमन्य हो) ही वसूला जाए।
पूर्व में वसूले गए चक्रवृद्धि ब्याज की राशि नागरिकों को लौटाई जाए अथवा आगामी बिलों में समायोजित की जाए।
इस विषय को नगर निगम परिषद की बैठक में रखकर जनहित में प्रस्ताव पारित किया जाए।
जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उत्तरदायित्व तय किया जाए।
⚖️ न्यायालय जाने की चेतावनी
नागरिकों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र और संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उच्च न्यायालय, लोकायुक्त और अन्य सक्षम न्यायिक मंचों की शरण लेने को बाध्य होंगे।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नगर निगम प्रशासन जनभावनाओं और विधिक प्रावधानों के अनुरूप निर्णय लेकर कटनी की जनता को राहत देता है या नहीं