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Dharmendra Singh

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सच दिखाने की हिम्मत

‘अनुभूति’ का भव्य विमोचन: 80 की उम्र में भी जज्बे की मिसाल बने सुरेश सोनी ‘ऋतुराज’

कुलपति प्रो. वर्मा बोले—मन में लक्ष्य हो तो उम्र भी हार जाती है | जनप्रतिनिधियों, साहित्यकारों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
कटनी।
वरिष्ठ पत्रकार एवं जनकवि सुरेश सोनी ‘ऋतुराज’ के काव्य संग्रह ‘अनुभूति’ का भव्य विमोचन होटल अरिंदम सभागार में हुआ। समारोह में शहर के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलपति प्रो. डॉ. राजेश वर्मा रहे। अध्यक्षता विधायक संदीप जायसवाल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में यशभारत के संस्थापक आशीष शुक्ला उपस्थित रहे।
अन्य प्रमुख अतिथियों में जन परिषद भोपाल के संयोजक रामजी श्रीवास्तव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा, वरिष्ठ कवि मनोहर मनोज, पूर्व मिस यूनिवर्स एवं जन परिषद ब्रांड एम्बेसडर डॉ. प्रगति सेठ, जन परिषद के प्रांतीय सचिव नितिन श्रीवास्तव शामिल रहे।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियां
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्वलन से हुआ।
अनुभूति पटेल ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. चित्रा प्रभात ने काव्य संग्रह की समीक्षा प्रस्तुत की।
वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र सिंह ठाकुर ने सुरेश सोनी ‘ऋतुराज’ की पांच दशकों की साहित्यिक यात्रा का विस्तार से परिचय दिया।
मुख्य वक्ताओं के विचार
कुलपति डॉ. राजेश वर्मा ने कहा कि “जज्बा हो तो उम्र भी हार जाती है।”
विधायक संदीप जायसवाल ने कहा कि “कवि समाज की आवाज उठाने का कार्य करता है और आलोचना से ही सुधार संभव है।”
यशभारत के संस्थापक आशीष शुक्ला ने इसे एक बेटे द्वारा पिता के सपनों को साकार करने का भावुक क्षण बताया।
जन परिषद के संयोजक रामजी श्रीवास्तव ने कहा कि इस काव्य संग्रह में समाज के अंतिम व्यक्ति की पीड़ा झलकती है।
डॉ. प्रगति सेठ ने इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक आयोजन बताया।
कवि सम्मेलन ने बांधा समां
कार्यक्रम के दूसरे चरण में आयोजित कवि सम्मेलन में बनारस के युवा कवि वैभव अवस्थी और लखनऊ के शायर दावर रजा ने शानदार प्रस्तुतियां दीं।
अध्यक्षता वरिष्ठ कवि मनोहर मनोज ने की।
कार्यक्रम का संचालन युवा रचनाकार तुषार तपन ने किया।
अतिथियों का सम्मान
मंचासीन अतिथियों का स्वागत विभिन्न गणमान्य लोगों द्वारा किया गया
कुलपति डॉ. राजेश वर्मा का स्वागत आशीष सोनी
विधायक संदीप जायसवाल का स्वागत आशीष सोनी
आशीष शुक्ला का स्वागत शिल्पी सोनी
सुरेश सोनी ‘ऋतुराज’ का स्वागत सुरेश सोनी एवं पीताम्बर टोपनानी
रामजी श्रीवास्तव का स्वागत राजेश श्रीवास्तव
मनोहर मनोज का स्वागत सीमा चौधरी
डॉ. प्रगति सेठ का स्वागत डॉ. सुरेंद्र राजपूत
अशोक विश्वकर्मा का स्वागत नीलम जगवानी
नितिन श्रीवास्तव का स्वागत डॉ. ज्योति राजपूत
वैभव अवस्थी का स्वागत मनोज बर्मन
दावर रजा का स्वागत पंकज खरे
सभी अतिथियों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं अभिनंदन पत्र भेंट किए गए।
विशेष क्षण
समारोह में विधायक संदीप जायसवाल का जन्मदिन केक काटकर मनाया गया।
इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी स्मिता जायसवाल, ऋचा गेई, मनीष गेई सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
उपस्थित गणमान्यजन
कार्यक्रम में एएसपी डॉ. संतोष डेहरिया, डिप्टी कलेक्टर प्रदीप मिश्रा, सीएसपी नेहा पच्चीसिया, सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा, डॉ. अशोक चौधरी, डॉ. सुनीता वर्मा, डॉ. सुब्बाराव, डॉ. समीर चौधरी, डॉ. मनीष गट्टानी, प्रियदर्शन गौर, मारूफ अहमद हनफी, मनीष गेई, सतीश आनंद, अनिल खम्परिया, शरद जायसवाल, मकसूद खान नियाजी, आलोक तिवारी ‘शौक’, विष्णु बाजपेयी, चंदकिशोर चंदन, राजा अवस्थी, हीरामणी बरसैंया, निशा तिवारी, राजेश दीक्षित, मगन जैन, राजेश सोनी (सागर), अंजू सोनी, बद्रीनाथ सोनी (लखनऊ), कृष्णा सोनी, डॉ. पारस जैन, राजेश श्रीवास्तव, प्रो. सुनील बाजपेयी, डॉ. जय चड्डा, एम.जे.एस. लाम्बा, सत्यनारायण तिवारी, करन सिंह चौहान, राजा जगवानी, राजू खरे, गोपाल सिंघानिया, अम्बरीश तिवारी, आशीष तिवारी, अमर ताम्रकार, अश्विनी बड़गैया, नंदकिशोर खंताल, नवनीत चतुर्वेदी, सीमा चौधरी, रीता बर्मन, प्रताप सुंदरानी, दीपिका पांडे, अनुराधा दीक्षित, प्रकाश भौमिया, सौम्या रांधेलिया, गीता पाठक, रेनू रैकवार, प्राची खरे, रमेश गुप्ता, योगेश नन्होरिया, किरण नन्होरिया, नवलेश मलिक, नवनीत खंडेलवाल, अरविंद जायसवाल, नगीना सोनी, अनिल ताम्रकार, नीलम जगवानी, मंजूषा गौतम, मनोज बर्मन, अनिल मिश्रा, आशीष रैकवार, संजय खरे, कृष्ण कुमार ठाकुर, आलोक त्रिपाठी, विनोद दुबे, अजय गौतम, नित्यानंद पाठक, आशीष कंदेले, संजय चौधरी, संतोष दुबे, ओमप्रकाश तिवारी, विष्णु बलेचा, राजेश भारद्वाज, संजय खूबचंदानी, रौनक खंडेलवाल, विक्रम खम्परिया, राजेंद्र कौर लाम्बा, शिब्बू साहू, डॉ. रमेश सोनी, हेमा शर्मा, मीनाक्षी बलवी, अजय माली, सुनील विश्वकर्मा, आशीष पटेल, अमित कनकने, मुरली प्रथयानी, संजय गुप्ता, संजय अग्रवाल, अनंत गुप्ता, अंशुल बहरे सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
समापन
कार्यक्रम संयोजक आशीष सोनी ने आभार व्यक्त किया।
अंत में सुरेश सोनी ‘ऋतुराज’ ने काव्य पाठ करते हुए अपनी प्रसिद्ध पंक्तियों से समा बांध दिया—
मेरी पुस्तक देर से आई है, क्योंकि मैं सीधे रास्ते से आया हूं…”
यह आयोजन साहित्य, संस्कार और सम्मान का अनूठा संगम बनकर लंबे समय तक याद किया जाएगा।