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Dharmendra Singh

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April 22, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

स्वत: संज्ञान का मामला, अत: हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जा सकती – हाई कोर्ट ने टिप्पणी के साथ आशुतोष दीक्षित का आवेदन किया निरस्त – भाजपा विधायक संजय पाठक के विरुद्ध आपराधिक अवमानना का मामला

स्वत: संज्ञान का मामला, अत: हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जा सकती

– हाई कोर्ट ने टिप्पणी के साथ आशुतोष दीक्षित का आवेदन किया निरस्त

– भाजपा विधायक संजय पाठक के विरुद्ध आपराधिक अवमानना का मामला

 

जबलपुर : हाई कोर्ट के निर्देश पर आपराधिक अवमानना मामले में विजयराघवगढ़, कटनी से भाजपा विधायक संजय पाठक मंगलवार को हाजिर हुए। वहीं, कटनी के मूल याचिकाकर्ता आशुतोष दीक्षित की ओर से मामले में हस्तक्षेप करने आवेदन पेश किया गया। कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए आवेदन निरस्त कर दिया। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने कहा कि यह स्वत: संज्ञान का मामला है, इसमें हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जा सकती। हालांकि कोर्ट ने आशुतोष दीक्षित को सहायता करने की छूट दे दी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई तिथि 14 मई को विधायक पाठक को पुन: उपस्थित रहने के निर्देश हैं।

दरअसल, विधायक पाठक पर आरोप है कि उन्होंने एक मामले में सीधे हाई कोर्ट जज से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया। एक सितंबर, 2025 को संबंधित जज ने स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया था। इसी को लेकर पूर्व में आशुतोष दीक्षित ने याचिका दायर कर विधायक के विरुद्ध आपराधिक अवमानना की मांग की थी। हालांकि हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई शुरू की है।

हलफनामा बिना पढ़े कैसे बताया फर्जी :

आशुतोष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने वीसी के जरिए दलील दी कि पाठक का माफीनामा वाला हलफनामा फर्जी है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि क्या आपने हलफनामा पढ़ा है, यदि नहीं तो बिना आधार इस तहर के आरोप कैसे लगाए जा सकते हैं।

कोर्ट राजनीतिक प्रतिद्वंदिता का मंच नहीं :

हाई कोर्ट ने आशुतोष के हस्तक्षेप पर ओपन कोर्ट में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि अवमानना की कार्रवाई को व्यक्तिगत या राजनीतिक प्रतिद्वंदिता का मंच नहीं बनने दिया जाएगा। इस तरह के मामलों में न्यायिक मर्यादा सर्वोपरि है। हाई कोर्ट ने साफ किया कि अवमानना का दायरा सीमत है, इसे अनावश्यक रूप से विस्तारित नहीं किया जा सकता। आशुतोष के वकील को फटकार भी लगाई गई।