*ग्राम पंचायत मुजावरमाल सरपंच-सचिव की लापरवाही पड़ी भारी: पीड़ित परिवार के केस में ग्राम पंचायत मुजावर माल
की हुई कुर्की/संवाददाता/पंकज दुबे/मोहखेड़/उमरेठ/परासिया/मुजावर/मोरडोंगरी*
*लोकेशन:मुजावर माल*
छिंदवाड़ा जिले की जनपद पंचायत मोहखेड़ की
ग्राम पंचायत मुजावर माल के सरपंच-सचिव की घोर लापरवाही का खामियाजा पूरी पंचायत को भुगतना पड़ रहा है। कोर्ट ने पीड़ित परिवार के मामले में पंचायत की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दे दिया है।
*मामला क्या है*
ग्राम मुजावर माल निवासी मानवती बाई के पति बाबूलाल की दिनांक 14.10.2015 को रात्रि के समय सरकारी कुएं में डूबने से मृत्यु हो गई थी। उक्त कुआं सरपंच-सचिव द्वारा पंचायत के माध्यम से खुदवाया गया था। आरोप है कि कुआं आधा-अधूरा बना था और उसे प्लेन जगह पर खुदवाया गया था जहां से अक्सर लोग आना-जाना करते थे। सुरक्षा के लिहाज से कुएं के चारों ओर कोई बाउंड्री वॉल या मुंडेर भी नहीं बनाई गई थी।
*कोर्ट पहुंचा मामला*
मृतक के परिजनों ने मुआवजे के लिए कोर्ट में दावा किया। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए पंचायत को दोषी पाया। समय पर मुआवजा राशि का भुगतान न करने पर कोर्ट ने सिविल प्रक्रिया संहिता के तहत कुड़की वारंट जारी कर दिया।
*की गई कुर्की की कार्रवाई*
कोर्ट के आदेश के बाद नाजिर ने पंचायत भवन पहुंचकर कुर्की की। पंचायत की कुर्सी-टेबल, कंप्यूटर, अलमारी, पंखे सहित समस्त दफ्तरी सामग्री की सूची बनाकर कुर्क कर दी गई।
*पंचायत का कामकाज ठप*
संपत्ति कुर्क होने से पंचायत का रोजमर्रा का कामकाज प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों में सरपंच-सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर भारी नाराजगी है।
*अब आगे क्या*
पंचायत को कोर्ट द्वारा तय मुआवजा राशि, ब्याज व कोर्ट खर्च जमा करना होगा। भुगतान के बाद ही कुर्की हटेगी। राशि जमा न करने पर कुर्क सामान की नीलामी कर वसूली की जाएगी।
यह मामला दिखाता है कि निर्माण कार्यों में लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है।

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