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Dharmendra Singh

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July 25, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

 

*सड़क दुर्घटना के प्रत्येक घायल को मिले पीएम राहत योजना का लाभ : कलेक्टर*

झाबुआ से_ अमित सिंह जादौन _ कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा से संबंधित पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन की समीक्षा करते हुए प्रवर्तन कार्यवाहियों, जन-जागरूकता गतिविधियों, चालानी कार्रवाई तथा जिले में घटित सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में बताया गया कि जुलाई 2026 तक जिले में सड़क दुर्घटनाओं के कुल 633 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें 111 व्यक्तियों की मृत्यु तथा 808 व्यक्ति घायल हुए हैं। जिले की मृत्यु दर 17.5 दर्ज की गई। प्रवर्तन कार्यवाहियों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनवरी 2026 से अब तक 16,366 वाहनों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई है। बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 833 वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई। जिला परिवहन अधिकारी द्वारा यात्री बसों के विरुद्ध 67 प्रकरणों में 1 लाख 28 हजार 500 रुपये की वसूली तथा स्कूली बसों के निरीक्षण के दौरान 24 प्रकरणों में 76 हजार रुपये का अर्थदंड वसूला गया।

कलेक्टर डॉ. भरसट ने निर्देश दिए कि जिले में जहां-जहां सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, उन सभी स्थानों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया जाए। संबंधित सड़क एजेंसियां प्रत्येक माह दुर्घटनाओं का अध्ययन कर यह प्रतिवेदन प्रस्तुत करें कि दुर्घटनाएं किन कारणों से हो रही हैं तथा किस समय सर्वाधिक दुर्घटनाएं घटित होती हैं। साथ ही दुर्घटना करने वाले वाहन चालकों का पूर्व रिकॉर्ड भी जांचा जाए, ताकि बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

हाल ही में हुई दो बस दुर्घटनाओं, विशेषकर जिला अस्पताल के सामने हुई दुर्घटना का उल्लेख करते हुए कलेक्टर ने झाबुआ सहित थांदला, पेटलावद एवं मेघनगर नगरीय क्षेत्रों में अतिक्रमण मुक्त उड़नदस्ता गठित करने के निर्देश दिए। इस दल में नगर पालिका, परिवहन विभाग एवं पुलिस के अधिकारी शामिल रहेंगे, जो सुबह एवं शाम नियमित भ्रमण कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेंगे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अतिक्रमण हटाने के बाद यदि पुनः अतिक्रमण किया जाता है तो संबंधित वाहनों को क्रेन से जब्त कर जुर्माना अधिरोपित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम करना तथा सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बस दुर्घटनाओं अथवा अन्य व्यावसायिक वाहनों द्वारा जनहानि वाली दुर्घटनाएं कारित किए जाने की स्थिति में संबंधित वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई पुलिस एवं परिवहन विभाग संयुक्त रूप से सुनिश्चित करें।

पिटोल बॉर्डर क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश दिए कि दुर्घटना की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए अपना रिस्पांस व्हीकल सीमा क्षेत्र के निकट उपलब्ध रखें।

बैठक में एनएचएआई रतलाम को निर्देशित किया गया कि एक्सप्रेस-वे से प्रभावित 21 विस्थापित गांवों में गैर-सरकारी संस्थाओं के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। अभियान के अंतर्गत ग्रामीणों को एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया वाहन नहीं चलाने, अवैध कट एवं अतिक्रमण से बचने, अवैध गतिविधियों के दुष्परिणामों तथा सड़क सुरक्षा संबंधी नैतिक शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही एक्सप्रेस-वे के वे-साइड अमेनिटीज़ में स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार में प्राथमिकता दिए जाने के भी निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि किसी दुर्घटना में परिजन घायल को अस्पताल ले जाने के बजाय विरोधी पक्ष से धनराशि की मांग करते हैं अथवा उपचार में बाधा उत्पन्न करते हैं, तो ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत उपचार का लाभ दिलाया जाए तथा जिले के सभी सड़क दुर्घटना प्रकरणों में पीएम राहत योजना के तहत शत-प्रतिशत पंजीयन एवं प्रगति सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त सभी आपातकालीन वाहनों पर प्रधानमंत्री राहत योजना संबंधी जागरूकता फ्लेक्स लगाने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री देवेन्द्र पाटीदार, वनमंडलाधिकारी श्री भरत सोलंकी, जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती कृतिका मोहटा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।