Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 16, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

संजय तिवारी रिपोर्टर

💥 पनपथा बफर सीमा पर ब्यौहारी उपमंडल क्षेत्र से शिकार कर आ रहे शिकारियों को दबोचा
💥 शिकारी मामा-भांजे देर रात हिरासत से भागे,सुबह पोंडी कला से गिरफ्तार
💥 आरोपियों समेत बिना नम्बर मोटरसाइकिल एवम मृत जंगली सुंवर गोदावर वन परिक्षेत्र को सौंपा

हिरासत से भागे दोनो मामा-भांजे शिकारी को पनपथा बफर पार्क अमले ने सुबह उसके घर पोंडी कला जिला शहडोल से गिरफ्तार कर उपमंडल ब्यौहारी के वन परिक्षेत्र गोदावरी को सुपुर्द कर दिया है,इस दौरान आरोपी गुलाब बसोर उम्र 32 वर्ष एवम उसके भांजे सोनू बसोर उम्र 24 वर्ष के अलावा जप्त किये गए जंगली सुंवर एवम शिकार में शामिल मोटरसायकल भी सम्बंधित वन अमले को सुपुर्द की गई है।दरअसल शनिवार-रविवार की दरमियानी रात पनपथा बफर के बीट गार्ड कमला कोल,सुरक्षा श्रमिक बेलानी कोल एवम सैनिक राजकुमार तिवारी नाईट गश्ती में थे,तभी बीटीआर की सीमा से सटे धनेड़ा बीट के पास आरोपी मामा-भांजे जंगली सुंवर का शिकार कर अपनी मोटरसायकल से वापस आ रहे थे,बताया जाता है कि बीट गार्ड कमला प्रसाद को जैसे ही सन्दिग्ध परिस्थितियों में बाइक सवार दिखे,वैसे ही गाड़ी को रोक कर चेकिंग की गई जिसके बाद शिकारियों की जानकारी मिली,तब जाकर इन्हें हिरासत में लिया गया।

देर रात हिरासत से भागे

सूत्रों की माने तो पनपथा बफर सीमा पर हिरासत में लिए गए शिकारी मामा-भांजे देर रात हिरासत से फरार हो गए थे,जिसके बाद बीटीआर अंतर्गत पनपथा बफर अमला एवम उपमंडल ब्यौहारी के गोदावर वन परिक्षेत्र अमला सकते में आया और सक्रिय हुआ,इस दौरान रात में ही फरार शिकारियों के क़ई ठिकानों पर दबिश दी गई,बाद में रविवार की सुबह दोनो शिकारियों को उनके ग्रह ग्राम पोंडीकला जिला शहडोल से हिरासत में लेने कामयाब हुए है।बताया जाता है कि ये दोनों आरोपी मामा-भांजे उपमंडल ब्यौहारी सीमा पर जंगली सुंवर का शिकार करके पनपथा बफर की ओर आ रहे थे,जिस वजह से पार्क अमले ने इन शिकारियों को हिरासत में लेकर गोदावर वन परिक्षेत्र अधिकारी राम गोविंद राय एवम उनकी टीम को सुपुर्द कर दिया है।इस पूरे मामले में पार्क के जमीनी कर्मचारी वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर कितना जागरूक है,साफ दिखता है, ज़रूरी है कि पूरा पार्क अमला इतना ही सजग और मुस्तैद हो जाये तो निश्चित ही वन्य प्राणियों के बढ़ते मौत के आंकड़ों को रोका जा सकता है,वही शिकारियों पर भी लगाम लग सकती है। *संजय तिवारी उमरिया की रिपोर्ट*