विजय चोहान रिपोर्टर
पुलिस कर्मी पर रिपोर्ट नही लिखने पर पुलिस बिभाग को सूचना देकर न्यायालय में दर्ज करा सकते है परिवाद देखें 👇

🖊️ कानूनी जानकारी
सीधी पत्रकार मामले में जो कार्यवाही चल रही है वो तो ठीक है लेकिन पत्रकार साथीयो द्वारा उन अत्याचारी पुलिस कर्मियों के खिलाफ धारा 330 , 323 , 294 आई पी सी का न्यायालय में एडवोकेट के जरिए परिवाद दायर कर सकते है। तथा 151 सी आर पी सी का अर्थ है कि झगड़े के समय पुलिस कर्मचारियों का घटनास्थल पर होना जरूरी है।वीडियो दिखा कोई भी व्यक्ति किसी भी पार्टी का चाहे व सत्ता पक्ष हो या विपक्ष का विरोध शांतिपूर्ण तरीके से कर सकता है नारे लगाने पर से धारा 151 की कार्यवाही नही की जा सकती है । क्योंकि प्रदर्शन करने वाले व्यक्ति उत्तेजित न होकर सिर्फ़ नारेबाजी कर रहे थे । प्रदर्शन करने वालो को पुलिस के द्वारा मोके पर कोई समझाइस नही दी गई तथा प्रदर्शन करने वाले का मारने मरने पर उतारू होना जरूरी है । जो कार्यवाही हुई है वह सरासर ग़लत है।अब पुलिस के खिलाफ सख्त कार्यवाही होना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी पुलिस कर्मचारी गलत कार्यवाही न कर सके पहले थाने पर रिपोर्ट करना जरूरी है यदि रिपोर्ट नही लिखते है तो लिखित शिकायत पुलिस विभाग के अधिकारियों को करे उसके बाद सूचना के अधिकार अधिनियम में जानकारी ले उसके बाद कोर्ट में परिवाद दायर करें ।|
मैहर से बाला प्रसाद साहू की रिपोर्ट

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