श्रीमति एस , पाटीदार
मंगलागौरी व्रत, शिव चतुर्दशी व्रत ,श्रावण मास, के आर्द्रा नक्षत्र में
“सिंगाजी गौशाला “में पौधों का रोपण किया गया। ये वे पौधे है जिसमें आयुर्वेदिक एवं आध्यात्मिक पौधो से संबंधित है।
सर्वप्रथम ” गऊ माता का पूजन कर ” आरती की गई।लगभग 70 गऊ माता की सेवार्थ मातृ शक्ति जिला उपाध्यक्ष श्रीमति पुष्पा पाटीदार द्वारा किया जा रहा है।
गऊ माता की उत्पत्ति कब हुई और इसको पालने से क्या लाभ है। इसके बारे में विश्व हिन्दु परिषद के मालवा प्रान्त मंत्री आदरणीय ख श्री सोहन जी विश्वकर्मा ने बताया ।
“आओ मिलकर वृक्ष लगाएं ,धरती मां का कर्ज चुकाये।
“हो सके तो इस जीवन में पुण्य कमाए, वृक्ष ही मनुष्य को सुखी बनायेगा, जिनका अनमोल उपहार होगा ” के तहत रुद्राक्ष – जो कि भगवान शिव के पसीने से उत्पन्न हुआ था । साधु – संतो एवम आम मनुष्यो के लिए पहनने मे उपयोगी रहता है।शमी – जो कि भगवान शनि का वास रहता है।कदम- जो कि महालक्ष्मी का वास रहता है। नीम – दन्त धोने मे तथा दवाई मे। ,आम – जो कि फल खाने के काम आता है। पौधे लगाए गए। विभाग संगठन सुरेश जी गुर्जर, प्रान्त सहसंयोजिता रितु शर्मा, प्रान्त धर्म प्रसार सह संयोजक संजय जी होलकर, जिला मंत्री रामेश्वर चौधरी,
, माया सोनी,जीवन सोनी एवं अन्य महिलाऐ उपस्थित थी।


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