बुद्ध नाथ चौहान रिपोर्टर


चांदामेटा परासिया :- जैन समुदाय के पर्यूषण पर्व के अवसर पर चांदामेटा दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पर्व के छठवें दिन शास्त्री अखिलेश जैन ने जीवन में संयम के महत्व पर व्याख्यान प्रस्तुत किया
उन्होंने कहा कि दस लक्षण पर्व का छटा धर्म उत्तम संयम हमको यही कहता है कि जैसे घोड़े पर लगाम नहीं लगी हो तो घोड़ा अपने ऊपर सवार व्यक्ति को नीचे गिरा देता है उसी तरह जीवन में इस मन को वश में रखना बहुत जरुरी है नहीं तो जीवन नरक बन जाता है संयम ही जीवन का श्रृंगार है मनुष्य संयम धारण कर सकता है, इसलिए समस्त जीवों में वह श्रेष्ठ है जिसके जीवन में संयम नहीं, उसका जीवन बिना ब्रेक की गाड़ी जैसा है आज इस धरती पर हमारे संत साधुओं ने संयम को धारण किया है और अपने वीतरागी स्वरुप में रह के जैनागम का मान बढाया है कार्यक्रम के दौरान धर्म से जुड़ी प्रश्नोत्तरी भी हुई और महा आरती प्रसाद वितरण वितरण भी हुआ ।

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