Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
February 4, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

किरण रांका रिपोर्टर

देश का हृदय प्रदेश कहे जाने वाले मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस आज प्रदेशभर में धूमधाम के साथ मनाया गया। इसी के चलते स्थानीय स्तर पर भी मध्यप्रदेश का 67वा स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न आयोजन हुए। मुख्य आयोजन नगरपालिका, जन अभियान परिषद एवं उमावि विद्यालय के नेतृत्व में उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में विधायक प्रतिनिधि के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई, जो उमावि स्कूल से प्रारंभ होकर नगर के चाचा की बगिया होती हुई पुनः उमावि स्कूल में पहुंची, जहां मध्यप्रदेश गान के पश्चात्् प्रभात फेरी का समापन हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने कहा कि सन 1956 में राज्यों के पुनर्गठन के बाद 1 नवंबर 1956 को देश को नया राज्य मध्यप्रदेश मिला था। मध्य प्रदेश अपने प्राकृतिक क्षेत्रों के साथ-साथ इतिहास के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को समाहित किए हुए है। मध्यप्रदेश का आजादी की लड़ाई में भी विशेष योगदान है। मध्य प्रदेश भारत के कई दिग्गजों का जन्मस्थान रहा है।
क्यों कहलाता है हृदय प्रदेश – विधायक प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा ने उपस्थितजनों एवं विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के मध्य भाग में स्थित है इसी कारण से इसे मध्यप्रदेश और हृदय प्रदेश के नाम से जाना जाता है। 1947 में जब देश आजाद हुआ था तो मध्य भारत और विंध्य प्रदेश को मिलाकर मध्यप्रदेश का गठन किया गया था। 1950 में मध्य प्रांत का नाम बदलकर मध्य प्रदेश कर दिया गया था। यहां के जंगलों में देश में सबसे ज्यादा बाघ हैं। इसी कारण से इसे टाइगर स्टेट के नाम से भी जाना जाता है।
सोयाप्रदेश भी कहलाता है मध्यप्रदेश – श्री मेवाड़ा ने आगे बताया कि मध्यप्रदेश में सभी फसलों की खेती होती है, लेकिन राज्य में मुख्य रूप से सोयाबीन का उत्पादन अत्याधिक मात्रा में होता है जिस कारण से इसे सोयाप्रदेश के नाम से भी जाना जाता है। मध्यप्रदेश में करीब साठ फीसदी सोयाबीन का उत्पादन होता है। सोयाबीन सबसे ज्यादा मालवा और निमाड क्षेत्र में होता है।
पांच राज्यों की सीमा को टच करता है मध्यप्रदेश – मध्य प्रदेश की सीमाएं पांच राज्यों की सीमाओं से मिलती हैं। उत्तर में उत्तर प्रदेश, पूर्व में छत्तीसगढ़, दक्षिण में महाराष्ट्र और पश्चिम में गुजरात तथा उत्तर-पश्चिम में राजस्थान राज्य है। इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा, एसडीएम आनंद रजावत, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि सोनू गुणवान, सहायक यंत्री अनिल धुर्वे, मनीष श्रीवास्तव, बीआरसी अजबसिंह राजपूत, जन अभियान नगर विकास प्रस्फुटन समिति विकासखंड समन्वयक भगवतशरण लोधी, जितेन्द्र बुदासा, गोविंद शर्मा, राजेश शर्मा, हेमंत सोनी, रूपेंद्र ठाकुर, आकाश नामदेव, दीपक मारुति, विजय समन, राम ताम्रकार, दीपक जैन, डॉ. दीपक सोनी, नवीन सोनी आदि मौजूद थे।