महेंद्र चौहान रिपोर्टर



वैसे तो पानी के लिए पारा नगर सतत प्रयास कर रहा है किंतु कुंभकरण की नींद सोए पीएचई विभाग को जगाने के लिए कांग्रेस के द्वारा किया गया यह प्रदर्शन अब आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। क्योंकि पारानगर के समीप स्थित बने धामोई तालाब का पानी पारानगर से करीब 40 से 50 किलोमीटर दूर तक अन्य गांव, नगरो व शहरों तक पहुंचाया जा रहा है किंतु जहां से पानी अन्य क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है।उसी क्षेत्र में पानी के लिए तरस रहे है लोग जिस और न तो जल संसाधन विभाग ध्यान दे पा रहा है और ना ही कोई राजनीतिक दल अभी तक ध्यान दे रहा था। किंतु कांग्रेस ने जल को लेकर विशेष गंभीरता व्यक्त करते हुए कहा यदि पीएचई विभाग द्वारा पारा को 1 महीने के अंदर पानी नहीं दिया गया तो, आगे पीएचई विभाग के कर्मचारियों अधिकारियों को ऑफिस से बाहर निकाल कर, अब गांधी जीके डंडे से समझाया जाएगा । यह शब्द कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने मंच से कहें। साथ ही पेटलावद विधानसभा क्षेत्र के विधायक वालसिंह मेडा ने भी नल जल योजना के माध्यम से किए जाने वाले भ्रष्टाचार का भी पर्दाफाश किया। 8,47,00000 का भूमि पूजन होने के बाद भी यदि यह योजना चालू नहीं की गई है, तो चालू नहीं करने का कारण क्या है इसके साथ पारा नगर के कांग्रेस नेता प्रकाश राका ने भी इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार और पीएचई विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया कि यदि पारा व आसपास के अन्य क्षेत्रों को जल्द से जल्द पानी नहीं दिया गया तो उग्र आंदोलन होगा। अब देखना यह होगा कि पीएचई विभाग व अन्य राजनीतिक दल विक्रांत भूरिया व साथी कांग्रेसी नेताओं के इन शब्दों को किस तरह से इस्तेमाल करते हैं।

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