बालकिशोर मिश्रा रिपोर्टर





न्यूज 24×7 इंडिया अटेर भिण्ड
अटेर में मेला ग्राउंड हनुमान जी मंदिर के पास पक्षियों में विलुप्त होते जटायु गिद्ध प्रजाति का पक्षी कई बर्षों के बाद देखने को मिला जिसे देखने के लिए लोगों की अच्छी खासी भीड़ इकट्ठा हो गयी।
गिद्ध प्रजाति हमारे आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने में काफी सहायक है गिद्ध प्रजाति के पक्षी मरे हुए मवेशियों के सड़े गले मास को खाकर हमारे वातावरण को स्वच्छ रखते हैं। मरे हुए मवेशियों के सड़े गले मास के कारण संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है। जिसे गिद्ध पक्षी खाकर संक्रमण को रोकने में सहायक है अतः हम कह सकते हैं की गिद्ध प्रजाति प्रकृति का दिया हुआ एक वरदान है जो हमें मवेशियों के सड़े गले मास से होने वाली संक्रमित बीमारियों से बचाने में सहायक है।

More Stories
पवन चक्की के भारी वाहन रौंद रहे प्रधानमंत्री सड़क, प्रशासन मौन! *किसानों और ग्रामीणों की जीवनरेखा बनने जा रही सड़क अब गड्ढों में तब्दील
नवनियुक्त जयस कार्यकारिणी अध्यक्ष जीवन ठाकुर और जिला अध्यक्ष भारत सिंह गामड़ का स्वागत*
बुढ़मू में लकड़ी माफियाओं का आतंक, सखुआ–महुआ–बर के पेड़ खतरे में।।