लोकेशन : बुढ़मू / झारखंड
रिपोर्टर : राशीद अंसारी
एंकर। बुढ़मू थाना क्षेत्र के ओझासाड़म गांव के दूनी भुटकी टोला और कोटारी जंगलों में लकड़ी माफियाओं ने तांडव शुरू कर दिया है। सखुआ, महुआ और बर के बड़े-बड़े पेड़ रातों-रात काटकर पिकअप और चार-पहिया वाहनों में लादे जा रहे हैं और लाखों रुपए में बेचे जा रहे हैं।
स्थानीय लोग डरे सहमे हुऐ कहते है कि इससे न केवल पर्यावरण, बल्कि पानी, मिट्टी और वन्य जीवों पर भी गंभीर असर पड़ेगा। और सूत्रों की मानें तो माफियाओं को वन विभाग और स्थानीय प्रशासन का कोई डर नहीं है।
जिससे वन विभाग पर भी सवालिया निशान लगता नजर आ रहा है। वन विभाग ने अभी तक इस ओर ठोस कदम नहीं उठाया है, जबकि माफियाओं का बोलबाला बढ़ता जा रहा है।
सवाल उठता है—बुढ़मू के जंगल कब तक माफियाओं की अंधाधुंध कटाई से सुरक्षित रह पाएंगे?
“ओझासाड़म की ठंडी रातें अब डर से घिरी हैं, जंगल खतरे में हैं!”




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