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April 28, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

पंकज राधेश्याम दुबे रिपोर्टर

लोकेशन परासिया

मध्य प्रदेश शासन के स्वास्थ्य संचानालय के यह स्पष्ट निर्देश है कि संविदा चिकित्सक जूनियर चिकित्सक एवं ऐसे चिकित्सक जिन पर गंभीर आरोप है ।उन्हें कहीं पर भी खंड चिकित्सा अधिकारी ना बनाया जाए लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परासिया में सारे नियमों को ताक पर रख मोरडोंगरी में पदस्थ चिकित्सक डॉं प्रमोद वाचक को खंड चिकित्सा अधिकारी बना दिया गया है। जानकारी के अनुसार डॉं बाचक संविदा चिकित्सक हैं और जुनियर होने के साथ ही उन पर लाखों रुपए के गबन का गम्भीर आरोप भी है पूर्व में डॉं वाचक जब एक अगस्त 2012 से 30 सितंबर 2014 तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौरइ में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के प्रभार में थे ।उनके द्वारा रोगी कल्याण समिति से प्राप्त 96हजार एक सौचौबिस रूपये निकाला गया था ।इसके अलावा परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत 1 लाख 12 हजार रुपये की राशि अग्रिम आहारण किया गया था,सांथ ही डॉक्टर वाचक के द्वारा अन्य मुद्दों में एक लाख 62 हजार सात सौ 39 रुपये की राशि व्यय करना बताया गया था इस मामले की शिकायत स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर के क्षेत्रीय संचालक को की गई थी जहां से आर्थिक अनियमितताओं के 3 सदस्यी जांच टीम में शामिल संभागीय लेखा प्रबंधक कपिल अवस्थी उप संचालक डॉं एस. एल. साहु एवं संभागीय लेखा अधिकारी एस.एन.नामदेव ने मामले की जांच की थी। जिसमें उन्होंने पाया गया था कि लाखों रुपए के व्यय के बाउचर उपलब्ध नहीं है। जो कि एक गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है ।लेकिन जिला अस्पताल तत्कालीन सी. एच. एम.ओ ने लाखों रुपए गबन के लोकायुक्त या पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बजह सांठगांठ कर कुल वसूली राशि है 632317 में एक लाख ₹63 हजार500 का ₹20 का सेटलमेंट कर करा कर मामले को रफा-दफा कर दिया // अब लोकायुक्त में शिकायत // डॉं.प्रमोद वाचक के द्वारा की गई आर्थिक अनियमितताओं को लेकर अब लोकायुक्त जबलपुर में शिकायत कि गई है ।शिकायत में कहा गया है कि आर्थिक अनियमितताओं को लेकर जो आपराधिक कार्यवाही होना था। उसे दबा दिया गया है। इसलिए पुनः मामले कि जांच कर डॉं.वाचक के खिलाफ गबन का मामला दर्ज किया जाना चाहिए । वहीं दूसरी ओर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खंड चिकित्सा अधिकारी रही डॉं. सुधा बक्शी ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर उन्हें नियम विरुद्ध बी.एम.ओ.के पद से हटाने एवं आर्थिक अनियमितताओं में लिप्त डॉं बाचक को नियम विरुद्ध बी.एम.ओ.बनाने की शिकायत कीहै। //उच्च न्यायालय ने निर्देश दिए // डॉं सुधा बक्शी ने पुनः नियम के विरुद्ध बी.एम.ओ.पद से हटने एवं डॉ प्रमोद बाचक को नियम विरुद्ध बी.एम.ओ बनाने को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी ।जिस पर न्यायालय ने गत 12 अप्रैल को आदेश में कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार याचिका कर्ता के पक्ष में की गई सिफारिश पर उचित निर्णय लेने के लिए मामला निर्देशक स्वास्थ्य को भेजा था। यदि वह निर्णय लेने के लिए सक्षम नहीं है। तो वह मामले को संदर्भित कर सकते हैं । उचित निर्णय लेने के लिए मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव को इस आदेश की प्रति प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर उपरोक्त अभ्यास पूरा किया जाना चाहिए।