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Dharmendra Singh

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April 15, 2026

सच दिखाने की हिम्मत


मालपुरा टोंक मैं आज 52 वे “विजय दिवस२०२3” के उपलक्ष में भूतपूर्व सैनिक कल्याण संस्थान मालपुरा के तत्वाधान में 1971 के युद्ध में वीरगति को प्राप्त होने वाले रन बानंकुरो की याद में श्रद्धांजलि एवं पुष्पांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम में रखा गया । इस अवसर पर भूतपूर्व सैनिक सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल देव आनंद गुर्जर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मालपुरा चेयरमैन सोनिया सोनी तथा सीओ चक्रवर्ती सिंह राठौड़ वशिष्ठ अतिथि . कार्यक्रम की अध्यक्षता कैप्टन सूरज गुर्जर,रहे । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक वीरांगना एवं स्थानीय पुरुष एवं महिलाओं ने हिस्सा लिया ।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा शहीद स्मारक से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में बड़ी संख्या में नागरिकों एवं युवाओं द्वारा तिरंगे से सजी गाड़ी एवं मोटरसाइकिल पर शहर के विभिन्न इलाकों से होते हुए शहीद स्मारक पर पुन है समापन हुआ रैली के दौरान नागरिकों द्वारा जगह-जगह पर पुष्प वर्षा से भूतपूर्व सैनिकों का सम्मान किया। वाहन रैली का अन्य जगह भी स्वागत किया गया।
वहां तिरंगा रैली के उपरांत मुख्य अतिथि विशिष्ट भूतपूर्व सैनिक एवं नागरिकों द्वारा युद्ध स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए रणबाकूरो का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में मौजूद भूतपूर्व सैनिक सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल देवानंद गुर्जर ने अपने विचार रखते हुए भारतीय सेना की प्रचंड विजय की लिए सेना एवं देशवासियों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई की सैनिकों के बलिदान को भारत सरकार उचित सम्मान देने हेतु उनसे जुड़े मुद्दों को जल्दी सुलझाएगी, भूतपूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा भूतपुर्व सैनिको के पुनर्वास हेतु आरक्षण को जाती गत आधार पर किए जाने के आदेश को मौजूदा सरकार द्वारा रद्द किए जाने की घोषणा तुरंत प्रभाव से करने का आग्रह किया। इसके साथ-साथ रेकसो द्वारा संविदा पर लगाए जाने वाले भूतपूर्व सैनिकों का वेतन राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन मापदंड के हिसाब से किए जाने एवं केंद्र सरकार से भी आग्रह किया कि जिस प्रकार किसी भी केंद्र सरकार के कर्मचारी की सेवा काल में दौरान किसी भी कारण से मौत होने पर उसके आश्रित को अनुकंपा नौकरी दिए जाने का कानून बनाया उसी तर्ज पर भारत के विभाजन के 70 वर्ष पश्चात भी भारतीय सैनिकों के संदर्भ में ऐसा कानून नहीं बनाना देश के लिए जीवन बलिदान करने वाले सैनिकों की वीरांगनाओं को अनुकंपा नौकरी दिए जाने के प्रावधान में और विलंब उचित नहीं हो सकता