सरदारपुर- राजोद सर्व समाज निःशुल्क कन्या विवाह, यग्योपवित संस्कार,व विद्वतजनों का सम्मान समारोह कार्यक्रम मंगलवार को धोलगढ़ में सम्पन्न हुआ। इस समारोह के प्रेरणास्रोत आचार्य रमेशचन्द्र पंड्या थे। सामूहिक विवाह में ग्यारह जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, वही बारह बटुकों का यग्योपवित संस्कार करवाया गया। पण्डित जितेंद्र नागर सैलाना,पण्डित जीवन पाठक जड़वासा,तथा पंडित ओम प्रकाश शर्मा रतलाम के सानिध्य में बारह पंडितों द्वारा सभी वैदिक क्रियाए सम्पादित करवाई गयी। समारोह की पूर्व संध्या पर सभी जोड़ो को बग्गी में बिठाकर धोलगढ़ से राजोद तक गाजेबाजे व आतिशबाजी के साथ चल समारोह निकाला गया था। सामूहिक समारोह में विशेष रूप से आशीर्वाद देने के लिए चारण समाज की माताश्री देवल माँ, माता श्री कुँवर माँ, महंत श्री मस्त गिरी महाराज,क्षेत्रीय विधायक प्रताप ग्रेवाल, रामबोला आश्रम महंत गनपत दास महाराज,समाज सेवी वल्लभ भाई पटेल,सहित बडी संख्या सामाजिक व राजनीतक क्षेत्र से झुडे प्रतिनिधि शामिल हुए। सामूहिक विवाह में गुजरात,महाराष्ट्र,राजस्थान,आदि स्थानों से आये जोड़े भी परिणय सूत्र में बंधे। इस मौके पर आयोजित विद्वत समारोह के मंच से माताश्री देवल माँ ने सन्देश दिया कि कन्याएं माता पिता के लिए बोझ नही होती है, उनको आवश्यकता है संस्कारो की,उनकी शिक्षा दीक्षा की,वे स्वयं अपने भाग्य लेकर आती है। उन्होंने आचार्य श्री पंड्या द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह जैसे आयोजन को लेकर प्रशंसा भी की। इस अवसर पर श्री पंड्या ने अपने सभी शुभचिंतकों,श्रद्धालुओ,समाज जनों,दानदाताओ के प्रति धन्यवाद ज्ञापित कर आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन सुरेश द्विवेदी ने किया।

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