तहसील राजगढ़ – माचाड़ी,-
23 अप्रैल के विशेष सावे के बाद नवविवाहित दंपति ने ग्राम देवताओं का पूजन कर डीजे की धून पर लगाएं ठुमके।
तहसील राजगढ़, गांव-
(माचाड़ीअलवर):- अलवर जिले के रैणी उपखंड क्षेत्र सहित आसपास के क्षेत्रों में 23 अप्रैल के विशेष सावे पर नवविवाहित दंपति ने ग्राम देवताओं का पूजन कर डीजे की धून पर लगाएं ठुमके यह रंगीला राजस्थान राजस्थान में तीज त्योहार से लेकर शादी विवाह तक में अनेकों रस्म रिवाज अदा की जाती है। जिसमें शादी में विनायक पूजन से कार्यक्रम प्रारंभ होता है तथा इस बीच चाक भात पूजन तथा तोरण मरने से बारात विदाई तक अगले दिन शक्ति चौराहा पूजने की परंपरा का प्रचलन आज भी है। विवाह में सेड(शितला) माता पूजन के बाद विवाह संपूर्ण माना जाता है जिसमें नव दंपत्ति जोडे कि जात देने के बाद अपने नए जीवन का प्रारंभ करते हैं। गत 23 अप्रैल के विशेष सावे के बाद नव विवाहित दंपति ने ग्राम देवताओं का पूजन कर डीजे की धुन पर ठुमके लगाये । मिडिया कर्मी को यह जानकारी पंडित समर्थलाल रैणी टैहटडा द्वारा दी गई।
तहसील राजगढ़ जिला अलवर। से प्रदीप शर्मा की खास रिपोर्ट।

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