
आष्टा/किरण रांका
राष्ट्र सेवा सर्वोपरी सेवा हैं। आज देश का युवा देश सेवा के लिए अपनी सेवाऐं देने के लिए आतुर हैं। भारत ने आजादी के बाद हर क्षैत्र में तरक्की की। देश की सैन्य शक्ति ने आजादी के बाद देश में आऐं संकटो का हमेशा सामना किया तथा देश को समय समय पर आत्म निर्भर सैन्य बल के आधार पर संपूर्ण विश्व को देश की एकता एवं अखंडता का परिचय दिया। हमारे क्षैत्र के युवा महेन्द्र सिंह ठाकुर ने अपनी सेवाऐं सीआरपीएफ में देकर क्षैत्र का नाम रोशन किया हैं। उन्होने सीआरपीएफ जैसी महती संस्था में अपनी दीर्घकालीन सेवाऐं दी। युवाओ को महेन्द्र सिंह ठाकुर से प्रेरणा लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलत होना चाहिए तथा देश सेवा के लिए सेना एवं केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती होना चाहिए। उनके पिता स्व0 मोती सिंह ठाकुर के द्वारा प्रदत्त अच्छे संस्कार के कारण ही उन्होने देश सेवा का चयन किया। स्व0 मोती सिंह ठाकुर ने भी वनविभाग में अपनी सेवाऐं देकर ईमानदारी की मिसाल कायम की। उक्त आशय के उद्गार पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष कैलाश परमार ने सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त हुए महेन्द्र सिंह ठाकुर मगरखेडी के सम्मान में व्यक्त किए। इस अवसर पर अधिवक्ता सुरेन्द्र सिंह परमार, वीरेन्द्र सिंह परमार, नरेन्द्र सिंह ठाकुर खडी, पल्लव जैन प्रगति, अमन मेवाडा, देवेन्द्र सिंह ठाकुर, गंगाराम मालवीय किल्लौद, विशाल चैहान, रविन्द्र चैहान आदि मौजूद थे।

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