बुकियों को फाइनेंस कर बना करोड़ों का मालिक: ‘रॉकी’ ने काली कमाई से दमोह और कटनी में खड़ी की आलीशान संपत्तियां, ब्याज पर रकम देकर करता है बड़े क्रिकेट सट्टेबाजों की फंडिंग
कटनी शहर में रॉकी नाम का एक युवक इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है, जो क्रिकेट सट्टेबाजी के काले कारोबार में ‘फाइनेंशियल स्पोर्ट’ के रूप में सक्रिय रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रॉकी ने बड़े सट्टेबाजों को ब्याज पर मोटी रकम देकर उन्हें फाइनेंस करने का काम किया। उसका यही मुख्य धंधा बन गया था, जिससे उसने करोड़ों की संपत्ति अर्जित की।
बताया जा रहा है कि रॉकी का नेटवर्क सिर्फ कटनी तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका प्रभाव दमोह तक फैला हुआ है। दमोह जिले के प्रमुख स्थानों पर स्थित बियर हाउस से लेकर कटनी के माधवनगर, बाजार क्षेत्र और प्रमुख मोहल्लों में रॉकी ने आलीशान मकान, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खड़े किए हैं। सट्टेबाजों को वह जरूरत के समय भारी रकम मुहैया कराता था और बदले में मोटा ब्याज वसूलता था।
स्थानीय नागरिकों और सूत्रों की मानें तो रॉकी की संपत्ति का बड़ा हिस्सा काली कमाई से खड़ा किया गया है। चर्चा है कि उसने इनकम टैक्स और अन्य जांच एजेंसियों की नजर से बचने के लिए कई संपत्तियों को अपने नाम के बजाय परिचितों और रिश्तेदारों के नाम से रजिस्टर्ड कराया है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या प्रशासन और जांच एजेंसियां इस अवैध फाइनेंसिंग नेटवर्क पर कोई कार्रवाई करेंगी? क्या रॉकी की करोड़ों की बेनामी संपत्तियों की जांच होगी? शहर में यह मामला अब कानून-व्यवस्था और आर्थिक अपराध के नजरिए से संवेदनशील माना जा रहा है। जनता भी उम्मीद कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो और सट्टेबाजी के इस समानांतर तंत्र पर सख्ती से लगाम लगे।
1. रॉकी का अवैध फाइनेंशियल नेटवर्क – क्रिकेट सट्टेबाजी में ब्याज पर मोटी रकम देकर नेटवर्क को मजबूत किया।
2. कटनी से दमोह तक फैलाव – सट्टेबाजों, बियर हाउस और रियल एस्टेट तक व्यापक प्रभाव।
3. बेनामी संपत्तियां – टैक्स और जांच एजेंसियों से बचने के लिए संपत्ति रिश्तेदारों के नाम।
4. प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल – क्या अब तक इस पर कोई जांच शुरू हुई?
5. जनता की मांग – सम्पूर्ण नेटवर्क का पर्दाफाश और सख्त कार्रवाई

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