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Dharmendra Singh

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सच दिखाने की हिम्मत

उद्यमी महेंद्र गोयनका ने छग में ‘सलवा जुडूम’ विस्थापितों की 127 एकड़ ज़मीन पर किया है कब्जा कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी का गंभीर आरोप: बोले — यह धोखा नहीं, अस्मिता पर हमला

उद्यमी महेंद्र गोयनका ने छग में ‘सलवा जुडूम’ विस्थापितों की 127 एकड़ ज़मीन पर किया है कब्जा

कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी का गंभीर आरोप: बोले — यह धोखा नहीं, अस्मिता पर हमला

बीजापुर, छत्तीसगढ़ | संवाददाता:
बीजापुर विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विक्रम मंडावी ने शुक्र वार को आयोजित प्रेस वार्ता में छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंडावी ने कहा कि सलवा जुडूम के दौरान विस्थापित हुए पाँच आदिवासी परिवारों की कुल 127 एकड़ पैतृक ज़मीन पर रायपुर/कटनी के उद्योगपति महेन्द्र गोयनका ने फ़र्ज़ी कागज़ात के ज़रिए कब्जा कर लिया है।

विधायक ने इस पूरे प्रकरण को “सुनियोजित धोखाधड़ी और अस्मिता पर हमला” बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ़ पाँच परिवारों की ज़मीन का मामला नहीं है, बल्कि पूरे बस्तर अंचल के आदिवासी समाज की पहचान और अधिकार पर हमला है।

इनकी 127 एकड़ जमीन हड़पी
विधायक विक्रम मंडावी द्वारा जारी विवरण के अनुसार, सलवा जुडूम के दौरान विस्थापित हुए पाँच आदिवासी परिवारों की कुल 127 एकड़ पैतृक ज़मीन पर कब्ज़ा किया गया है। इनमें धर्मा गाँव के चेन्नू राम पिता संतू नाम की 12 एकड़, बैल गाँव के घस्सू राम पिता लछिनदेर की 29 एकड़ और पोदी राम पिता मेंदु की 18 एकड़ भूमि शामिल है। इसी तरह सेडिया छोटेपल्ली गाँव के लेदेर की 40 एकड़ और मरकापाल गाँव के बीरलाल पिता बेटे की 28 एकड़ ज़मीन भी विवादित बताई गई है। कुल मिलाकर पाँचों परिवारों की 127 एकड़ ज़मीन पर फ़र्ज़ी तरीके से कब्ज़ा किए जाने का आरोप लगाया गया है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें
विधायक मंडावी और कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में राज्य सरकार से चार प्रमुख मांगें रखी हैं:
1. खरीदी-बिक्री की उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए।

2. प्रभावित परिवारों को उनकी ज़मीन तत्काल वापस दिलाई जाए।

3. धोखाधड़ी में शामिल व्यक्तियों और अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।

4. आदिवासी इलाक़ों में भूमि हस्तांतरण पर सख़्त निगरानी रखी जाए।

डबल इंजन सरकार के संरक्षण में लूट
विधायक मंडावी ने भाजपा की ‘डबल इंजन सरकार’ पर तीखा हमला बोलते हुए कहा —
> “बस्तर में जल, जंगल और ज़मीन की खुली लूट जारी है। उद्योगपतियों की नज़र बस्तर के खनिज और ज़मीन पर है। यह सब सरकार के संरक्षण में हो रहा है, जो साफ़ तौर पर मिलीभगत को दर्शाता है।”

उन्होंने आगे कहा कि इंद्रावती नदी पर पुल बनने के बाद विस्थापित परिवार अपनी ज़मीन पर लौटने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अब उन्हें पता चला है कि उनकी ज़मीन बेची जा चुकी है, जो गहरी साज़िश का संकेत देता है।

प्रेस वार्ता में मौजूद रहे
प्रेस वार्ता में ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष लालू राठौर, ज़िला पंचायत सदस्य शांतिबाई पूनेम, पूर्व उपाध्यक्ष कमलेश कार्लेकर, पूर्व सदस्य बस्तर राव नाटी, और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। विधायक मंडावी ने अंत में चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस मामले की तत्काल जांच नहीं की तो कांग्रेस बस्तर से रायपुर तक आंदोलन करेगी।