सादर प्रकाशनार्थ।
गुना
03/11/25
सर्वशक्तिमान ईश्वर इन्द्रियों से रहित है ; तिवारी
ईश्वर सर्वशक्तिमान तथा इन्द्रियों से रहित है जबकि जीव माया के चक्कर में फंसा रहता है और इसी के कारण उसे भिन्न-भिन्न योनियों में जन्म लेना पड़ता है।
ईश्वर को प्राप्त करने का साधन सत्संग है। उपरोक्त विचार पंडित रामकुमार तिवारी ने
विगत रविवार को शास्त्री पार्क स्थित शिवालय मन्दिर पर हुये गीतास्वाध्याय में व्यक्त किए। स्वाध्याय गीत घर गीता का प्रचार हो, धर्मवीर सिंह ने गायन किया इस दौरान यजमान उमाशंकर भार्गव ने गीताजी का संक्षिप्त पूजन एवं भक्तों का तिलक अभिनंदन किया। गणेश गौरी गुरु वंदना के श्र्लोक यजमान ने किया। सुभाषित में धर्मवीर सिंह ने कहा कि जिस प्रकार उदय एवं अस्त के सूर्य का रंग लाल होता है उसी तरह हमें हमेशा एक सा व्यवहार रखना चाहिए । अमृत वचन में महेन्द्र सोनी ने बताया कि नदी में असंख्य पक्षी पानी पीते हैं किन्तु नदी कि पानी कम नहीं होता उसी तरह दान करने से धन कम नहीं होता।
गीता भजन कर्तव्य मार्ग पर डट जाना गीता हमें सिखाती है का गायन श्रीमती राखी भार्गव ने किया।
गीताजी के तेरहवें अध्याय के श्र्लोक बारह से लेकर बाईसवे श्र्लोकों तक का पाठ पं अंकित पाण्डेय ने कराया। स्वाध्याय में बुंदेलसिंह यादव,पं मनोज शर्मा,रामवीर शर्मा, विष्णु साथी, दीपक शर्मा, श्रीमती उर्मिला भार्गव, नम्रता शर्मा,निधि भार्गव,याशिका शर्मा ,अनुष्का राजपूत ,अनुजराजपूत,वीरेंद्र भार्गव,राजकमल शर्मा, बृजेन्द्र सिंह पवैया ओमनारायण साहू आदि उपस्थित रहे। आगामी रविवार को प्रभु दयाल जी खंडेलवाल जी के निवास पर शाम 4:00 बजे गीता स्वाध्याय का आयोजन होगा ।
प्रेषक
मनोज शर्मा
प्रचार प्रमुख
गीतासंस्कृत स्वाध्याय मंडल
गुना
90398 71197

More Stories
*सक्षम जयपुर अभियान के तहत हुआ आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन*
आज सचिवालय स्थित कार्यालय पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारी देवतुल्य जनता एवं कर्मठ कार्यकर्ताओं से आत्मीय
महाराष्ट्र राज्य-पोलीस प्रशासन द्वारा जिला गडचिरोली पुलिस मुख्यालय कांफ्रेंस हॉल में समीक्षा बैठक…