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Dharmendra Singh

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April 1, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

गांजा तस्करी की रात, जब कानून ही बन गया सौदेबाज़ 70–80 किलो गांजा गायब, दो पुलिसकर्मी कर गए खेल सत्य घटना पर आधारित काल्पनिक कहानी, जो रात के अंधेरे में रहस्य बन गई

गांजा तस्करी की रात, जब कानून ही बन गया सौदेबाज़

70–80 किलो गांजा गायब, दो पुलिसकर्मी कर गए खेल

सत्य घटना पर आधारित काल्पनिक कहानी, जो रात के अंधेरे में रहस्य बन गई

कटनी
रात के ठीक तीन बजे थे। रेलवे स्टेशन पर सुनसान रात में ट्रेन रुकती है। कुछ ही पलों में दो ब्रीफकेस और एक पिट्ठू बैग लिए कुछ लोग उतरे —भारी, संदिग्ध और खामोश। संदिग्ध युवक ब्रीफकेस और पिट्ठू बैग उठाकर रेलवे लाइन पार करते हैं और सीधे शराब दुकान के सामने पहुंचते हैं। सब कुछ पहले से तय था। लेकिन उन्हें क्या पता था कि उस रात कहानी कुछ और ही मोड़ लेने वाली है।

इनपुट था पुख्ता, कार्रवाई भी हुई…
सूत्र बताते हैं कि गांजा तस्करी को लेकर 2 पुलिसकर्मियों को पहले ही इनपुट मिल चुका था। ट्रेन से बड़ी खेप आने की सूचना पर नजर रखी जा रही थी। जैसे ही संदिग्ध युवक शराब दुकान के पास पहुंचे, तभी वहां दोनों पुलिसकर्मियों की एंट्री हुई। जिन्होंने ब्रीफकेस और पिट्ठू बैग देखते ही *अर्जुन* की नजर की भांति निशाना चिन्हित कर लिया और रात के अंधेरे में अवसर को लाभ में बदलने की सोच डाली। लिहाजा प्लानिंग से दिमाग *रोशन* हुआ। फिर खेल शुरू।

पहले डर, फिर सौदा
आधी रात की कहानी के मुताबिक दोनों पुलिसकर्मियों ने आरोपियों को पहले डराया-धमकाया। माहौल ऐसा बनाया गया मानो अब गिरफ्तारी तय है। लेकिन कुछ ही देर में कहानी ने करवट बदली।

आरोपियों को थाने ले जाने के बजाय, सबको चुपचाप शराब दुकान से कुछ दूर स्थित कॉम्प्लेक्स ले गए। आस पास की दुकाने बंद थी, लिहाजा कॉम्प्लेक्स भीतर आड़ में बातचीत का अवसर था। फिर क्या बाहर खामोशी थी, अंदर सौदेबाजी।

70–80 किलो गांजा… और फिर सन्नाटा
बताया जा रहा है कि यहीं पर लेनदेन का खेल हुआ। न कोई जब्ती, न कोई पंचनामा, न कोई केस। कुछ देर बाद सभी अलग-अलग दिशाओं में निकल गए। और इसी के साथ करीब 70 से 80 किलो गांजा खुर्द-बुर्द हो गया।

जब बात ऊपर तक पहुंची…
मामला ज्यादा देर दिनो तक दबा नहीं रहा। इसकी भनक आला अधिकारियों तक पहुंची, महकमे में हड़कंप मच गया। अब पूरे घटनाक्रम की अंदरखाने जांच शुरू कर दी गई है। यह भी खंगाला जा रहा है कि—
गांजा कहां गया?
तस्कर कौन थे?
लेनदेन में और कौन-कौन शामिल था?