माहेश्वरी मांगलिक भवन में चल रही शिव महापुराण कथा का हवन व श्रीमद्भागवत गीता पाठ के साथ विश्राम कथा जीवन को सुखद बनाने का संदेश देती है: उपाध्याय
राहुल राठौड़ राजोद से
राजोद||नगर के माहेश्वरी मांगलिक भवन में गौरीशंकर महिला मंडल द्वारा आयोजित श्रीशिव महापुराण कथा का हवन व श्रीमद्भागवत गीता पाठ के साथ गुरुवार को विश्राम हुआ। कथा का वाचन भागवताचार्य पं. राजेन्द्र किशोर उपाध्याय ने किया। उन्होंने मानव जीवन के आधार स्तम्भ बताया। कथा का सार प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि पहले दिन की कथा अहंकार रहित जीवन जीने की प्रेरणा देती है।

दूसरे दिन की कथा दृढ़ संकल्प का महत्व बताती है। तीसरे दिन उदार चरित्र,
राजोद. कथा श्रवण के लिए उपस्थित महिला समूह।
चौथे दिन कर्तव्य व धर्मपरायणता, पांचवें दिन दूसरों से अधिक अपेक्षा न रखने, छठे दिन जीवन में संभावनाओं को खोजने व सातवें दिन की कथा त्याग और समर्पण के माध्यम से जीवन को सुखद बनाने का संदेश देती है। श्रीमद्भागवत गीता के सार
पर प्रकाश डालते हुए पं. उपाध्याय ने कर्म प्रधानता को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को उपदेश देकर जगत को यह समझाया कि कर्म के अनुसार ही फल प्राप्त होता है। कर्म-फल ईश्वरीय सत्ता द्वारा निर्धारित होता है।

विश्राम पर हवन पूजन के साथ हुआ
विश्राम विश्राम अवसर पर हवन में गौरीशंकर महिला मंडल के परिवारजन के साथ माहेश्वरी समाज, धाकड़ समाज व अन्य समाजों के श्रद्धालु उपस्थित रहे। भजन संध्या में पं. महेश शर्मा ने भजनों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर कथा वाचक पं. डॉ. उपाध्याय, पं. महेश शर्मा एवं पं. जगदीश उपाध्याय का सम्मान किया। जो माहेश्वरी समाज के जिला अध्यक्ष नारायण माहेश्वरी (डही) के मार्गदर्शन में मधुसूदन बाहेती, अनिल काबरा, मनीष बाहेती, बलराम बाहेती, सुनील काबरा एवं सतीश माहेश्वरी ने किया। लक्ष्मीनारायण बाहेती ने उद्बोधन दिया। वहीं स्वाति काबरा ने महिला मंडल के आयोजन की सराहना की। तबलावादक किशोर, ऑक्टोपैड वादक कमलेश व ऑर्गन वादक योगेश का भी समिति द्वारा स्वागत किया।आभार सुनिता-बलराम बाहेती ने माना।
फोटो केप्शन।।आरती करती हुई महिला मंडल

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