नवरात्रि में “कीचड़ का कुंड” बना आस्था का रास्ता, भुड़सा पंचायत की लापरवाही पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
मंदिर पहुंचने के लिए दलदल से गुजरने को मजबूर श्रद्धालु, बार-बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार बेखबर
बड़वारा |
बड़वारा जनपद की ग्राम पंचायत भुड़सा में नवरात्रि जैसे पावन पर्व पर बदहाल व्यवस्थाओं ने श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई है। जहां देशभर में मां दुर्गा की भक्ति में लोग लीन हैं, वहीं भुड़सा गांव में मंदिर तक पहुंचने का रास्ता कीचड़ और गंदगी से पटा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि भक्तों को नंगे पैर दलदल और पानी भरी सड़कों से होकर गुजरना पड़ रहा है।
गांव के मुख्य बाजार से लेकर अलग-अलग वार्डों तक सड़कों पर पानी जमा है। जगह-जगह कीचड़ के गड्ढे बन गए हैं, जिससे निकलने में ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं फिसलकर गिरने को मजबूर हैं, वहीं बदबू से लोगों का जीना दूभर हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार पंचायत और सरपंच को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदारों की आंखों पर “मोतियाबिंद” चढ़ चुका है, जिन्हें न तो गंदगी दिखाई दे रही है और न ही श्रद्धालुओं की परेशानी।
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब नवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान भी सफाई और व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो पाईं, तो सामान्य दिनों में हालात कितने बदतर होंगे। यह स्थिति पंचायत की कार्यप्रणाली और स्वच्छता अभियानों के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस “कीचड़ कांड” पर कब तक चुप्पी साधे रहता है

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