Chief Editor

Dharmendra Singh

Office address -: hanuman colony gole ka mandir gwalior (m.p.) Production office-:D304, 3rd floor sector 10 noida Delhi Mobile number-: 9806239561, 9425909162

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 22, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

कटनी नगर निगम में नियुक्ति और प्रमोशन पर उठे सवाल: आउटसोर्स कर्मचारी को मिली जिम्मेदारी, वरिष्ठ कर्मचारी अब भी इंतजार में

कटनी नगर निगम में नियुक्ति और प्रमोशन पर उठे सवाल: आउटसोर्स कर्मचारी को मिली जिम्मेदारी, वरिष्ठ कर्मचारी अब भी इंतजार में

कथित अनियमित पदस्थापना और प्रमोशन प्रक्रिया को लेकर कर्मचारियों में चर्चा, जांच की उठी मांग


कटनी | विशेष रिपोर्ट
कटनी नगर निगम एक बार फिर नियुक्ति और पदोन्नति को लेकर उठ रहे सवालों के कारण चर्चा में है। नगर निगम के भीतर कर्मचारियों की पदस्थापना और जिम्मेदारियों को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं तेज हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ मामलों में प्रक्रिया और पात्रता को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती गई, जबकि लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों को अपेक्षित अवसर नहीं मिले।
मामले के केंद्र में नगर निगम में कार्यरत संदीप बर्मन की पदस्थापना को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोपों के अनुसार वे पहले आउटसोर्स व्यवस्था से जुड़े थे और बाद में उन्हें स्वच्छता निरीक्षक (एसआई) स्तर की जिम्मेदारी दी गई। वहीं दूसरी ओर कई वर्षों से नगर निगम में सेवा दे रहे मनमोहन चमकेल को पदोन्नति नहीं मिलने की चर्चा कर्मचारियों और स्थानीय स्तर पर की जा रही है।
कुछ लोगों का दावा है कि वर्ष 2018 के बाद लागू नियमों और आउटसोर्स कर्मचारियों से संबंधित प्रक्रियाओं के पालन को लेकर भी जांच की जरूरत है। साथ ही आरोपों में नगर निगम के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
नगर निगम प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई हो। वहीं यदि सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुरूप हुई हैं तो प्रशासन को स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि विवाद और भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।
बड़ा सवाल:
क्या नगर निगम प्रशासन नियुक्ति और पदोन्नति प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच करेगा या मामला केवल चर्चाओं तक सीमित रहेगा?