सरकार कृषि में मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने के लिए एक योजना तैयार कर रही है जो किसानों की आय को बढ़ाने में मददगार होगी। सरकार द्वारा पिछले साल के अंत में कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद भी इस क्षेत्र में विकास की दिशा में आगे बढ़ा जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि रणनीति का व्यापक जोर खेती पर रहेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का लक्ष्य मूल्यवर्धन और बैकवर्ड लिंकेज को बढ़ावा देने का है।
अधिकारी ने कहा, ‘इसमें भारतीय किसानों को अपने उत्पादों के लिए बाजार स्थापित करने में मदद करने के लिए निर्यात के लिए समर्थन भी शामिल होगा।’ बता दें कि विविध कृषि उत्पादों को शामिल करने वाले निर्यात के लिए अतिरिक्त परिवहन, विपणन और ब्रांडिंग बढ़ाने की भी संभावना है। एक नए समर्पित मंत्रालय के साथ, सहकारी खंड को मजबूत करने के कदम भी अपेक्षित हैं।
सरकार प्रासंगिक भंडारण और रसद बुनियादी ढांचे के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए खाद्य प्रसंस्करण के लिए 10,900 करोड़ उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के अलावा प्रोत्साहन पर भी नजर गड़ाए हुए है। बता दें कि एक फरवरी को सरकार बजट पेश कर रही है। इसमें कृषि सेक्टर को लेकर कई उम्मीद लगाई जा रही है। सरकार से किसान कृषि कानूनों को लेकर विवाद में रहे हैं। इस बीच अगले महीने पांच राज्यों में चुनाव भी है और सबसे ज्यादा किसान जो धरना दिए हुए थे, वो पंजाब व यूपी से थे, तो ऐसे में सरकार कृषि से जुड़े लोगों को अपने साथ करने के लिए बड़ी राहत दे सकती है।


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