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April 10, 2026

सच दिखाने की हिम्मत

आलीराजपुर में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, रोजगार, सडक सहित अन्य क्षेत्रों में नहीं दिया जा रहा ध्यान, आदिवासी जनता के हितो की अनदेखी करना बंद करे सरकार- विधायक मुकेश पटेल।

ब्यूरो चीफ करीम खान

आलीराजपुर में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, रोजगार, सडक सहित अन्य क्षेत्रों में नहीं दिया जा रहा ध्यान, आदिवासी जनता के हितो की अनदेखी करना बंद करे सरकार- विधायक मुकेश पटेल

आदिवासी बाहुल्य आलीराजपुर में लंबे समय से शासन प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, रोजगार और सडक सहित अन्य जनहितषी कार्यो पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आदिवासी जनता के हितों की अनदेखी की जा रही है। ये बात अलीराजपुर विधायक मुकेश पटेल ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में कही।

स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल

विधायक पटेल ने बताया अलीराजपुर जिले के गांवो, कस्बों और नगरीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल है। स्वीकृत पदों के मुकाबले डॉक्टर्स और अन्य स्टॉफ की कमी लंबे समय से बनी हुई है। ट्रामा सेंटर का शुभारंभ हुई करीब पांच वर्ष हो चुके है परंतु ट्रामा सेंटर में विशेषज्ञ डाक्टर्स की नियुक्ति अब तक नहीं की गई है। अस्पताल में पर्याप्त विशेषज्ञों व उपकरणों के अभाव में मरीजों को महंगे दामों पर प्रदेश के अन्य शहरों या गुजरात के शहरों में उपचार करवाना मजबूरी बना हुआ है।

शिक्षा के मामले में कोई सार्थक प्रयास नहीं

विधायक पटेल ने कहा कि शिक्षा के मामले में भी जिला प्रशासन द्वारा अब तक कोई सार्थक प्रयास नहीं किया गया है। गांवों के स्कूलों में विषय विशेषज्ञों की कमी बनी हुई है और कई स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना भी पर्याप्त संख्या में नहीं की गई है। जिसके कारण आदिवासी जिले के बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। बच्चों और उनके अभिभावकों को उनके हाल पर छोड दिया गया है।

चिलचिलाती धूप में पानी के लिए संघर्ष करते है लोग

विधायक पटेल ने कहा कि जिले के विभिन्न ग्रामों में ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट की बेहद गंभीर स्थिति निर्मित हो जाती है। कई गांवों में लोग दूर-दूर से पानी लाने के लिए मजबूर होते है। कई लोग नदी, नालों कुंओ से जैसे तैसे पानी लेकर अपनी प्यास और दैनिक दिनचर्या के उपयोग के लिए पानी के लिए संघर्ष करते हुए जीवन जीने को मजबूर होते है। परंतु पीएचई विभाग के अधिकारी इस और लापरवाह और उदासीन रूख अपनाते है।

रोजगार के अभाव में पलायन बन गया मजबूरी

विधायक पटेल ने कहा कि जिले में रोजगार का नितांत अभाव है। लोगों के लिए रोजगार के साधन के रूप में न तो जिले में उद्योग विकसित हो पाए और न ही विकास कार्य के रूप में निर्माण कार्य पर्याप्त संख्या में चलाए जा रहे है। जिसके कारण आदिवासी ग्रामीणों को बडी संख्या में मजदूरी के लिए गुजरात की और देखना पडता है। जिले के लोग रोजगार के नाम पर मायूस ही नजर आते है। भाजपा के पिछले 17 साल के शासन में रोजगार के लिए कोई कार्य नहीं किया गया।

सडक और बिजली सुविधा खस्ताहाल

विधायक पटेल ने कहा कि जिले के विभिन्न गांवों में आज भी आवागमन के लिए सडक नहीं है। दूरदराज के गांवों और पहाडी क्षेत्रों में लोगों को कच्ची पगडंडियों से आवागमन करना पडता है। बिजली की सुविधा से कई गांव आज भी वंचित है। किसानों को सिंचाई के दौरान पर्याप्त बिजली नहीं दी जाती है और अघोषित बिजली कटौती और अपर्याप्त वॉल्टेज के कारण किसानों को संघर्ष करना पडता है।

शासकीय योजनाओं में जारी है मनमानी, नहीं मिलता अधिकांश लोगों को लाभ

विधायक पटेल ने कहा कि सरकार और प्रशासन द्वारा जिले में शासन की जनकल्याणरी योजनाओं का ढिंढोरा पीटा जाता है। परंतु वास्तविकता में कई योजनाओं का लाभ अधिकांश लोगों को नहीं मिल पाता है। खाद्य विभाग, उद्योग विभाग, राजस्व विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, सहकारिता विभाग, जनजातीय कार्य विभाग सहित अन्य विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ देने में मनमानी की जाती है, अधिकांश लोगों को योजना का लाभ नहीं मिलता है। जिसके कारण भी क्षेत्र से पलायन होता है।