महेश गणावा रिपोर्टर
चंद्र शेखर आजाद नगर के ग्राम डूंगलावानी में होली के दूसरे दिन गल बाबजी का आयोजन होता है जो सदियों से चला आ रहा है। यह हमारी भील संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। इस दिन मन्नतधारी अपनी मन्नत पूरी होने पर बकरे,मुर्गे की बलि देते हैं। मन्नतधारी के साथ ढोल बजाते हुए गीत गाते हुवे महिलाएं भी शामिल होती है। हर साल की तरह इस साल भी भील सेना संगठन की टीम गल बाबजी के आयोजन में शामिल हुई। इस अवसर पर भील सेना संगठन भाबरा ब्लाक की टीम उपस्थित रहीं।




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