ब्यूरो चीफ पंडित नंदन शर्मा





पिपली :- गणगौर पर्व क्षेत्र में गणगौर पर्व की विशेष गणगौरी तीज 04 अप्रैल से गणगौर पर्व की तीज 04 अप्रैल से प्रारम्भ होगी पिछले विगत दो वर्षों से कोरोना के कहर से बचने के लिये समाज सकल पंच समिति ने सभी समाजजनों को घर पर ही रहकर इस महापर्व की सलाह दि थी आज दो वर्ष के बाद इस महापर्व में जबरजस्त उत्साह माता के भक्तों में देखने को मिल रहा है
4अप्रैल की शाम को यहां * चौक* में होने वाले इस लोकपर्व में श्रृंगारित गणगौर रथों का सामूहिक नृत्य होगा। इसे देखने के लिए आस पास से बड़ी संख्या में यहाँ मातारानी के श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे।
क्षत्रिय सिर्वी समाजजनों द्वारा इस पर्व को विशेष अंदाज में मनाया जाता है।
व यहां के गणगौर नृत्य को निमाड़ और मालवा अंचल के साथ प्रदेशभर में सराहा जाता है। यह पर्व राजा धनियार व रणुबाई (रथ) के गृहस्थ प्रेम और भगवान शिव-माता पार्वती के पूजन से जुड़ा है। सिर्वी समाज द्वारा पर्व को लेकर काफी दिनों पूर्व से तैयारियां की जाती है।
उत्सव स्थल श्री आईमाताजी मंदिर चौक, पंडित गोविंद शर्मा मंत्री जी के यहा से चौक व बस स्टैंड तक दुल्हन की तरह सजाया जायेगा
गणगौरी तीज से बिखरेगी पर्व की छटा 04 अप्रैल सोमवार चैत्र शुक्ल सुदी तीज को माता की बाड़ी में जवारों का दर्शन-पूजन करने अलसुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। माता की मुख्य बाड़ी से ज्वारों को श्रृंगारित काष्ठ प्रतिमाओं में रखकर चल समारोह के साथ घर लाया जाएगा। इसके बाद गणगौर माता के गीत गूंजने लगेंगे।
चैत्र शुक्ल सुदी तीज – 04 अप्रैल 2022 सोमवार की रात में सिर्वी समाज द्वारा आई माताजी मंदिर में गणगौर रथ रखे जाएंगे। रात में मटकी नृत्य, भक्ति गीत, लोकगीत के साथ समाजजनों द्वारा किया जाएगा।
तथा दोपहर 5 बजे पाती लाएंगे नृत्य,भक्ति गीत, लोकगीत के साथ समाजजनों द्वार किया जाएगा। मंगलवार व बुधवार को ग्राम के अशोक नेमाजी सतपुड़ा के यहाँ माता जी को रात रखेंगे व मान मन्नत देंगे व गुरुवार की रात्री घिसालाल रूपाजी सतपुड़ा के यहाँ पर रखेंगे व मान मन्नत देंगे
** : श्री आईमाताजी चौक में माताजी के रथ रखे जाएंगे तथा दोपहर 5 बजे महिलाओं दुवारा पाती में डांडिया नृत्य की प्रस्तुति एवं रात्रि में मटकी नृत्य,भक्ति गीत, लोकगीत के साथसमाजजनों द्वारा किया जाएगा। हिन्दू धर्म शास्त्रों के मुताबिक बुधवार के दिन बेटियों को ससुराल में नहीं भेजा जाता है इसी आधार पर आज माताजी रणूबाई की बिदाई नहीं की जायेगी और अशोक नेमाजी के
द्वारा गणगौर माता का रात्रि विश्राम व गुरुवार को घिसालाल रूपाजी के यहाँ विश्राम रखेंगे व ( मान-मन्नत पूर्ण ) किया जाएगा इस दिन में दोपहर 5 बजे डांडिया रास ,रात्रि में रात में मटकी नृत्य, भक्ति गीत, लोकगीत के साथ समाजजनों द्वारा रतजगा किया जाएगा।
चल समारोह के साथ सिर्वी समाज द्वारा
लाया जाएगा,जहाँ पर भव्य माँ रणुबाई और धनियार राजा का नृत्य होगा जिससे देखने माता के श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ेगा
व विसर्जन होगा।
के रथ रखे जाएंगे तथा दोपहर 5 बजे डांडिया नृत्य की प्रस्तुति एवं नृत्य,भक्ति गीत, लोकगीत किया जाएगा और इस दिन माता रणुबाई को विदा दी जाएगी पिपली से धार जिला ब्यूरो चीफ कैलाश बर्फा की खबर

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