ब्यूरो वाजिद अली कुरेशी



समाजसेवी मेधा पाटकर एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एहतेशाम हाशमी को पुलिस प्रशासन ने नहीं जाने दिया खरगोन सेंधवा के पीड़ितों से मिलने
रास्ते से ही लौटाया वापस
सेंधवा एवं खरगोन में सांप्रदायिक तनाव के बाद दोनो शहर मैं पीड़ितों से मिलने जा रहे थे
रामनवमी की जुलूस के दौरान हुए सांप्रदायिक तनाव के बाद आज समाजसेवी मेधा पाटकर और सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट एहतेशाम हाशमी और उनकी टीम सेंधव आओ खरगोन दौरे पा रहे थे इस दौरान प्रशासन द्वारा उन्हें आरटीओ बेरियार पर रोक लिया गया जहां से यह लोग वापस लौट गए मेधा पाटकर ने कहा कि खरगोन और सेंधवा में जो हो रहा है वह बहुत दुखद है हम शांति का आहवाहन करने जा रहे थे लेकिन हमें रोक लिया गया उन्होंने प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कोई आरोप नहीं पंचनामा नहीं कोई नुकसान भरपाई की बात नहीं जो जेल में रहे युवाओं पर झूठे आरोप लगाए गए जबकि वह मोटरसाइकिल पर हमला कहां करते वह जेल में थे उन्होंने कहा कि हम महात्मा गांधी को मानने वाले लोग हैं हमारा हरदम शांति का पथ रहेगा
वही एडवोकेट एहतेशाम हाशमी मीडिया से बातचीत करते हुए कहा के लॉयर को भी एक समाज सेविका को भी जाने नहीं दिया जाएगा तो अब आप क्या समाज में मैसेज देना चाहेंगे उन्होंने इस मामले पर एसआईटी के गठन की मांग करते हुए कहा कि इंडिपेंडेंट एजेंसी से जांच कराने की मांग हम हाई कोर्ट में करेंगे खुद को रोके जाने पर उन्होंने कहा कि कुछ तो गलत हुआ है जिसके चलते लायर और समाजसेवियों को अंदर जाने से रोका जा रहा है

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