कौशलेंद्र तोमर रिपोर्टर

पोरसा,,,,,,,,,,,,, परमपिता परमात्मा जिसने यह आत्मा बनाई है वह अपनी सभी आत्मा धारी का ध्यान रखते हैं चाहे वह चींटी हो, चाहे वह पशु हो, चाहे वह पंच्छी हो, यह वह मानव हो सबका ध्यान रख उसकी परवरिश करते हैं ,,इसका उदाहरण है कि जब बच्चा जन्म लेता है तब उसके भरण पोषण की व्यवस्था तीन माह पूर्व हो जाती है ,,,जो आत्मा है इस धरती पर विचरण करती हैं उनके खाने की रहने की की सारी व्यवस्थाएं परमपिता परमात्मा ने पहले ही कर दी हैं मगर उसे लोग समझ नहीं पा रहे हैं बीके रेखा बहन,,,,,
आज किर्रायच रोड पर बिठौली माता जी के घर आयोजित प्रबचन कार्यक्रम में ब्रह्मा कुमारी रेखा ने बताया कि भगवान को अगर साथी बना लो तो ईश्वर आपके सदा साथ है और आपके सारे कार्यों की जिम्मेदारी भगवान की हो जाएगी आप केवल कर्म करते जाओ फल अपने आप ही मिलता जाएगा साथ में परमात्मा का झंडा वंदन किया उपस्थित रहे राम रतन ,दीनदयाल, गुरु नारायण ,लता ,सुमन, सैकड़ों भाई-बहन उपस्थित रहे बता दें कि वीके रेखा ने कहा कि हमें अपने तन मन धन समय संकल्प कर अच्छे कार्य में अपना समय व्यतीत करना चाहिए,, क्योंकि आज का जो वातावरण है चारों तरफ नकारात्मक ऊर्जा का वातावरण चल रहा है हम सब को पॉजिटिव माना सकारात्मक उर्जा संचार करनी चाहिए हर एक के लिए शुभ भावनाएं रखकर उसको उमंग उत्साह दिला कर आगे बढ़ाने में उसकी मदद करनी चाहिए हमें गरीबों की मदद करनी चाहिए जहां जिस प्रकार से हम किसी की सहायता कर सकते हैं वह हमें करनी चाहिए जिस प्रकार से हम व्रत रखते हैं तो व्रत के साथ साथ हम यह भी दृढ़ निश्चय कर लें दृढ़ संकल्प लेने की हमें जनता की सेवा करनी है कैसी जनता की जो आज परेशान है दुखी है हताश निराशा बेसहारा है उनको हमें अपने शुभ भावनाओं से और आप जिस प्रकार से भी सेवा करने में समर्थ हैं हमें जरूरी सहयोग करना चाहिए तो ईश्वर आपकी झोली में अपने आप ही सुख शांति समृद्धि प्रदान करेंगे,,,,, अमृत महोत्सव के तहत चल रहे कार्यक्रम की श्रंखला में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें सैकड़ों भाई बहनों ने भाग लिया,,

More Stories
पवन चक्की के भारी वाहन रौंद रहे प्रधानमंत्री सड़क, प्रशासन मौन! *किसानों और ग्रामीणों की जीवनरेखा बनने जा रही सड़क अब गड्ढों में तब्दील
नवनियुक्त जयस कार्यकारिणी अध्यक्ष जीवन ठाकुर और जिला अध्यक्ष भारत सिंह गामड़ का स्वागत*
बुढ़मू में लकड़ी माफियाओं का आतंक, सखुआ–महुआ–बर के पेड़ खतरे में।।